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शनिवार, 30 मई 2020

मास्क वितरण में स्काउट गाइड जुटे@@@@@@@@@@@@@@@@@सिंगरामऊ ()जौनपुर()उत्तर प्रदेश भारत स्काउट /गाइड के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश भारत स्काउट गाइड जनपद-जौनपुर के जिला मुख्ययुक्त-डॉ रणजीत सिंह जिला आयुक्त-डॉ रामनयन सिंह जिला सचिव-डॉ अखिलेश श्रीवास्तव,DOC- श्री राकेश मिश्र, DTC-श्री रामबक्श सिंह एवं जिला सहायक आयुक्त-श्री विनोद तिवारी के संरक्षण में सुनील यादव ट्रेनिंग काउन्सलर स्काउट बदलापुर ,सोनम गुप्ता ट्रेनिंग काउन्सलर गाइड बदलापुर, भारत में फैली कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए सहायक प्रशिक्षक नन्हेलाल सरोज, अवनीश चौधरी एवं सहयोगी कार्यकर्ता रोवर-रजनीश चौधरी, अंकित यादव, कुशल मौर्य, उन्नत कंन्नौजिया, एवं रेंजर- निष्ठा उपाध्याय, शिवानी गुप्ता, तनु सिंह, श्वेता चौधरी पूजा कन्नौजिया स्काउट /गाइड की भावनाओ से प्रेरित होकर अशहायो की सेवा करने का संकल्प लेते हुए उनतक उनके जरूरत की वस्तु एवं मास्क पहुचने का कार्य करते हुए साथ ही जनपद में बने मास्क बैंक में मास्क जमा के करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है।

सोमवार, 18 मई 2020

मनरेगा श्रमिकों को प्रधान ने बांटा मास्क @@@@@@@@@#@@@@@@सिंगरामऊ (जौनपुर) स्थानीय क्षेत्र के बरैया गांव में मनरेगा के तहत काम कर रहे श्रमिकों को प्रधान मनोज कुमार सिंह ने मास्क वितरित करते हुए उन्हें उचित शारीरिक दूरी बनाकर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने पैंतालिस श्रमिकों को मास्क वितरित किया। उक्त गांव में स्थित सईता नाला की सफाई लगभग एक सप्ताह से हो रही है, जिसमें श्रमिकों द्वारा गमछा व रुमाल के सहारे मुंह बांधकर काम किया जा रहा था। प्रधान ने कार्य स्थल पर पहुंचकर तीन दर्जन महिला व पुरुषों श्रमिकों को मास्क वितरित किया तथा मनरेगा कर्मियों को उचित शारीरिक दूरी बनाते हुए दूर-दूर स्थान पर काम करने का निर्देश दिया, ताकि कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सके। प्रधान ने बताया कि एक सप्ताह से यह कार्य चल रहा है। अभी लगभग डेढ़ सप्ताह तक चलेगा। इस नाले की सफाई हो जाने से ग्रामीणों को काफी लाभ होगा।

गुरुवार, 14 मई 2020

✍️कइसे चले घर भाई, पुलिस बाबू हमैं द बताई...बड़ी विडंबना है....... कल तक जे जे चाइनीज डिस ठेला लगाई के बेचत रहेन उ आज पलकी, मुरई, तरबूजा चिल्लाई-चिल्लाई के घरे-घरे बेचत अहेन। यहि लिए कि ठेला के बिक्री से परिवार चलावै के बा। हमार बात त छोड़ि द, छोटका लड़िका पांच-छह दिन से रोटी के बात करत रहा। केवल कोटा के चावल रहा उहौ खतम होई ग। मास्क हमरे नाइबा, ई पुरनका गमछा बांधे हई। देखत अह न, इहउ कई जगह से फटि ग ब। ई पीड़ा बा रेहड़ी, ठेलिया वालन के। किसान रामराज बोलेन----- हे राम, का मुंबई, का दिल्ली का सूरत सब भागि आवत बाटेंन, लड़िकवा के शराब के आदत छूटत नाइ बा, शराब के ठीका जउने दिन से खुला, उही दिन से घर में रखा कोटे वाला चावल चोरी चला जाता बा, आब का होए।रजुआ मुंबई से भागि आई हऊ, सुरेशवा दिल्ली से छोटा हाथी में बैठिके आई हऊ, एनहन अउर दिक्कत करत बाटेंन। घरेन में बइठा बाटेंन। 21 दिन अंदरवै रहियै। आगे मिलते हैं रामचरन काका बोले भईया हमार जनधन खाता खुला रहा उम्मे पांच सौ आई बा, पांच दिन बैंक के गोला में खड़ा रहे अंत मे निकला, सुरती, सब्जी के काम चला। कुछ जने खाना त कुछ जने सीधा, पिसान, खाना बाटत अहेन। लिकिन कब तक। परधान के चेलवा अशोकवा जब तक न कहे तब तक राशन मिलब मोश्किल बा। होउ मोन्नवा उ पत्रकारन के जानथ, ओका मिलि ग, कुछ पत्रकार रातो-दिन जनता के दुख दर्द में सहायता पहुचाई रहा है,और अधिकारिन के फोन पे फोन कई रहा अहेन, एनही के ही बले पे सगरौ के समाचार मिलत बा।सरकारी डॉक्टर, दरोगा,पुलिस, कानून गो, लेखपाल सब जने, दिन रात ड्यूटी करत अहेन, घरे नाइ जातेन।का भाय मुसई--कहो भइया ई करोनावां क मामिला कब तक जाए। कुछ नाइ समझात बाटइ। स्कूलन के मालिक चुप मारे हयेन, एकदम हाय तौबा नाइ करत हयेन। ऑनलाइन पढ़ाई, किताब, सब मजबूरी में बांटत हयेन, उहौ उधारी, मास्टरन के तनखाह नगद देत बाँटेन। ठिकय बा बहुत मजा मारत रहें अब तनि फांका मारै। --------जौंन ई लिखेन ऊ रहेन *"संजय पत्रकार"*

@@पेड़ के नीचे रहेंगे, लेकिन परिवार बचाएँगे##########################सिंगरामऊ (जौनपुर) एक तरफ बाहर प्रदेशों से आने वाले सीधे घर मे जा कर अपनी व परिवार वालों की जान खतरे में डाल रहे हैं। वहीं मुंबई से ट्रेन आये दर्जन भर लोग बरगद के पेड़ के नीचे शरण लेकर परिवार व गाँव वालों को बचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे ही दर्जन भर महिला, पुरुष जूनियर हाईस्कूल सिंगरामऊ में अपने की परिजनों से दूर रहकर एकांतवास कर रहे हैं। मुंबई से ट्रेन से आने के बाद दो दिन बदलापुर शेल्टर होम में रहे। जाँच के बाद होम कोरोंटाइन का निर्देश हुआ तो ये लोग घर न जाकर सीधे जूनियर हाईस्कूल सिंगरामऊ पहुँचे और वहाँ अपने को व परिजनों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कोरोंटाइन कर लिया। उनके खाने-पीने की व्यवस्था परिवार के लोग कर रहे हैं। इनकी जागरूकता को देखकर लोग प्रसंशा करते नजर आए। सिंगरामऊ निवासी विजय प्रताप सिंह ने बताया की हम अपनो के बीच मे हैं। परिवार व गाँव सुरक्षित रहे इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। बिंदु सिंह व पूनम सिंह ने बताया कि हम लोगों के साथ हमारे बच्चे भी एकांतवास कर रहे हैं, सामाजिक दूरी के पूरा ख्याल रह रहे हैं। हम चौदह दिन के बाद ही घर जाएंगे।

मंगलवार, 12 मई 2020

कैप्टन टीएन सिंह के निधन पर शोक@@@@@@@@@@@@@ सिंगरामऊ में स्थित राजा हरपाल सिंह इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य कैप्टन टीएन सिंह के आकस्मिक निधन पर विद्यालय परिवार ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह (जय बाबा), कुँवर विजय सिंह, कुँवर मृगेंद्र सिंह (शिवबाबा), प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद सिंह ने पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उनके निधन की खबर सुनकर पूरा विद्यालय परिवार व क्षेत्र के आसपास के लोग शोकाकुल हो उठे। पूरे क्षेत्र के लिए चालीस वर्षों तक लगातार शिक्षा व समाज सेवा के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाले टीएन सिंह के कार्यो को भविष्य में याद किया जाता रहेगा।

गुरुवार, 7 मई 2020

*MABSS GIRLS INTER COLLEGE* *में शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई* $$$$$$$$$ सिंगरामऊ जौनपुर* कोरोना वायरस (कोविड-19) की महामारी के मद्देनजर शासन के निर्देश पर विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसी मद्देनजर सिंगरामऊ बाजार में स्थित मेजर अमर बहादुर सरस्वती सिंह गर्ल्स इंटर कॉलेज *MABSSGIC* में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन एक माह से चल रहा है। संस्थान की प्रधानाचार्या अंतिमा सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं कंप्यूटर, लैपटॉप अथवा सर्व सुलभ मोबाइल एंड्राइड फोन के सहारे विद्यालय द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाओं से सुचारू रूप से जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि छात्र अपनी समय सारणी व ऑनलाइन पढ़ाई की जानकारी के लिए विद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

गहरे कुएं में गिरे मोर को ग्रामीणों ने निकालासिंगरामऊ (जौनपुर) बदलापुर तहसील क्षेत्र के तियरा गांव के एक खेत में बुधवार सुबह कुएं में गिरे राष्ट्रीय पक्षी मोर को ग्रामीणों ने अथक प्रयास करके लगभग दो घंटे बाद बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह एक मोर अचानक से कुएं में गिर गया। जब ग्रामीणों ने देखा तो मोर को निकालने का प्रयास करने लगे सफलता नही मिली। तियरा गांव के निवासी जिला पंचायत सदस्य रमाशंकर यादव भी मौके पर पहुच गए और वह भी मोर को कुएं से निकालने के लिए रस्सी सीढी आदि कुएं में डालकर घंटों प्रयास के बाद किसी तरह से मोर को बाहर निकाल लिया। मोर काफी चोटिल हो गया था।जिसे रमाशंकर यादव ने बदलापुर पुलिस को सूचना देते हुए, अपने घर पर दाना पानी सहित उपचार करवा रहे हैं। वहां उमाशंकर यादव, हरबंस, निलेश, हरीनाथ, रामनयन, मुलायम, यादवेन्द्र,राजनाथ,रमेश कन्नौजिया आदि लोग रहे।

मंगलवार, 5 मई 2020

**लॉक डाउन के बाद भारत - 'जान है तो जहान है' ** @वर्तमान संकट पर विशेषज्ञ व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रवींद्र कुमार सिंह की बात@ सिंगरामऊ (जौनपुर) धरती पर मनुष्य जीवन का इतिहास अपने अभ्युदय काल से ही अकाल महामारी और भीषण प्राकृतिक आपदाओं के दंशों से भरा पड़ा है। इतिहास गवाह है विश्व में तमाम समृद्ध सभ्यताएं बनी और विनष्ट हो गई लेकिन मनुष्य की जीवन जीने की जिजीविषा कभी नहीं विनष्ट हुई। दुःख- सुख, बुरा वक्त अच्छा वक्त प्रकृति का अनुपम उपहार है; जहां मनुष्यता अपने को परिभाषित करती है - 'विषमता की पीड़ा से व्यक्त हो रहा स्पंदित विश्व महान यही सुख-दुख विकास का सत्य यही भूमा का मधुमय दान।' वर्तमान में भारत सहित पूरा विश्व कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा है और उसके विषदंत को तोड़ने के उपाय भी ढूंढ रहा है। ऐसे विषम समय में हमारे यशस्वी ऊर्जावान संवेदनशील मानवता प्रेमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा उठाए गए त्वरित एवं प्रभावी कदमों से हम न केवल कोरोना जन्म महामारी से होने वाली हानि को कम कर पाए हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर हमारे प्रयास को सराहा भी गया है। अब जब हम लाकडाउन 0.3 में प्रवेश कर गए हैं ऐसे में लाकडाउन के बाद भारत के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सोच में भी परिवर्तन जरूर देखने को मिलेगा। भारत में लाकडाउन 0.1 की शुरुआत में संक्रमितों की संख्या 600 के करीब थी। प्रभावी लाकडाउन के कारण ही हम संक्रमितों की वृद्धि दर को नियंत्रित कर पाए हैं वह भी तब जब तबलीगी जमात के जाहिल लोगों ने पूरे देश में फैल; संख्या में अनपेक्षित बढ़ोतरी की। आज जब भारत में संक्रमितों की संख्या बयालीस हजार के पार पहुंच चुकी है और मौतों का आंकड़ा बारह हजार के पार है तो इसका श्रेय जमातियों को मिलना ही चाहिए। कोरोना वायरस अभी भी वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ है; कारण कि यह वायरस नित अपना रूप बदल रहा है, लक्षण बदल रहा है। जब तक कोरोना के सारे लक्षण प्रकट नहीं हो जाते और वैज्ञानिक उसका अध्ययन नहीं कर लेते, तब तक इसका कोई मुकम्मल वैक्सीन आना संभव नहीं है और वैक्सीन आ भी गया तो वैश्विक स्तर पर उत्पादन, विपणन वितरण इतना आसान नहीं होगा। लाकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना कठिन चुनौती होगी बावजूद 'हम होंगे कामयाब एक दिन' के मंत्र के साथ धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ना होगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था अमेरिका - चीन व्यापार युद्ध, चीन की आक्रामक व्यावसायिक नीतियों एवं अन्य कारणों से पहले ही दबाव में थी तभी नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी और जीएसटी संबंधी दीर्घकालिक लाभों को देखते हुए लिए गए साहसी निर्णयों से हमारी अर्थव्यवस्था नीचे की ओर अग्रसर हुई। हम अमेरिका चीन के आपसी हितों के टकराव का लाभ विश्व व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ा प्राप्त कर सकते थे पर ऐसा हो नहीं सका शायद लोकतांत्रिक देशों में सुधार की प्रक्रिया ही धीमी होती है। लाकडाउन के बाद सबसे बुरा प्रभाव रोज कमाने खाने वाले गरीबों पर पड़ेगा। रोजगार कम होगें, बेरोजगारी बढ़ेगी, रोजगार का स्वरूप बदलेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान उपभोक्ताओं का है। बेरोजगारी बढ़ने आय घटने का सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हमारी अर्थव्यवस्था का सुखद पक्ष यह है कि देश की बहुत बड़ी आबादी आज भी कृषि आधारित है। भारत में किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार ने खेती- किसानी को लाकडाउन से पूरी तरह मुक्त रखा है। अन्न के गोदाम भरे हैं, पैदावार अच्छी हुई है। लाकडाउन 0.3 में पूरे देश को तीन जोन (रेड, आॅ रेंज, ग्रीन) में बांटकर ऑरेंज और ग्रीन जोन में तमाम सावधानियों का पालन करते हुए छूट प्रदान कर दी गई है जो अर्थव्यवस्था के लिए शुभ कदम है। पहले से ही दबाव में रहे बैंकिंग सेक्टर को उबारने के लिए कई घोषणाएं की गई, रिजर्व बैंक ने उद्योगों को संभालने, कर्ज की व्यवस्था बढ़ाने और ऋण वापसी हेतु लचीले कदमों की घोषणाएं की। शातिर चीन इस महामारी में गिरती अर्थव्यवस्था का लाभ लेने के लिए मजबूत कंपनियों के अधिग्रहण की कुत्सित चाल चली पर सरकार के दृढ़ और त्वरित कदमों ने इसे निष्प्रभावी कर दिया। लाकडाउन के बाद सामाजिक जीवन संबंधों या यूं कहें हमारी जीवन शैली में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा, बहुत कुछ दिख भी रहा है। देश की 130 करोड़ जनता ने इस लाकडाउन (0.1 - 0.2) का 'जान है तो जहान है' के लिए पूरी शिद्दत के साथ पालन किया कुछ अपवादों को छोड़कर। लाकडाउन 0.2 और अब लाकडाउन 0.3 (04 मई-17 मई) के बाद सब कुछ सामान्य नहीं होने जा रहा जब तक इसके निदान की कोई वैक्सीन सर्व सुलभ नहीं हो जाती। लाकडाउन के बाद हमारी जीवनशैली में जो परिवर्तन प्रत्यक्ष दिखेगा वह होगा-* लोगों के जीवन शैली में परिवर्तन आएगा। अब लोग स्वयं सार्वजनिक और भीड़ भाड़ वाले स्थलों पर जाने से परहेज करेंगे।* लाकडाउन में लोगों ने घर से ही आजीविका चलाना सीखना शुरू किया है। शिक्षकों ने घर से ही जूम जैसे एप्स के माध्यम से शिक्षा देने का हुनर सीख लिया या सीखना शुरू कर दिया। * विवाह और अन्य गैरजरूरी समारोहों से से लोग बचेंगे और खर्च भी कम करेंगे। * भोगवादी, भौतिकवादी दिखावे की संस्कृति से लोग बाहर निकलेंगे और समाज, परिवार, मित्र का मूल्य समझेंगे। * सक्रिय मस्तिक और उर्वर होगी। समस्या समाधान के अनेकानेक रास्ते निकलेंगे। साहित्य और विज्ञान के सागर से नए-नए मोती निकलेंगे। * प्रकृति के सकारात्मक परिवर्तनों को देखते हुए लोग आगे से प्रकृति के बारे में अपने भोगवादी सोच को बदलेंगे। * विज्ञान, स्वास्थ्य, चिकित्सा पर जोर दिया जाएगा। * शहरों के बरक्स गांव के प्रति लोगों के नजरिए में बदलाव आएगा। लाकडाउन से बाहर आने के बाद वैश्विक स्तर पर, हर स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा और उस परिवर्तन के केंद्र में होगा - 'जान है तो जहान है'। सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और हम सबके सब्र, संयम, त्याग और राष्ट्रभक्ति से' 'कोरोना हारेगा, भारत जीतेगा'। जय हिंद जय भारत। डॉ रवीन्द्र कुमार सिंह असि प्रोफेसर & कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिंगरामऊं जौनपुर

शनिवार, 2 मई 2020

@एक पखवारे बाद भी नही मिला किसानों को भुगतान @ सिंगरामऊ (जौनपुर) गेहूं की खरीद पूरे ज़िले में चल रहीं हैं । खरीद हुए एक पखवारा बीत जाने बाद भी आज तक क्षेत्र के किसी भी किसान का भुगतान नहीं हुआ। शासन का निर्देश था की किसानों से गेहूं खरीद के चौबीस घंटे के अंदर भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन क्षेत्र के हरिहरपुर व केवटली खुर्द में बनाये गए गेंहू क्रय केंद्र में जितने किसानों ने गेंहू की बिक्री की आज तक उसका भुगतान खाते में नहीं आ सका। जिससे किसानों में चिंता व्याप्त है। इन केंद्रों पर न बोरा मिल रहा है और न ही पैसा आ रहा है। बोरा न होने वजह से खरीद भी बन्द चल रही है। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अतिशीघ्र भुगतान कराया जाय ताकि किसानों कि स्थिति सुधर सके।

$स्वर्ण व्यवसायी से लूट का वांछित गिरफ्तार$ सिंगरामऊ (जौनपुर) स्थानीय पुलिस ने स्वर्ण व्यवसायी से लूट के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार करके लेल भेज दिया। इसी थाना क्षेत्र के आहोपुर निवासी स्वर्ण ब्यवसाई से लगभग पांच माह पूर्व हुए लूट मे वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर क्षेत्र के इनामीपुर गांव से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। उक्त लूट के वांछित राजन सिंह निवासी तियरा थाना बदलापुर को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने उसके पास से 550 रूपये नगदी सहित लूट मे प्रयुक्त एक प्लेटिना बाइक बरामद करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम मे थानाध्यक्ष विनीत मोहन पाठक, उपनिरीक्षक अजय प्रकाश पाण्डेय, कास्ट्रेबल लल्लन सिंह, लक्ष्मीकांत गुप्ता रहे।

बुधवार, 29 अप्रैल 2020

▶️प्रधान पुत्र को डीएम-एसपी ने दिया प्रशस्ति-पत्र▶️अजय की सूझबूझ ने गांव को संक्रमण से बचायासिंगरामऊ (जौनपुर) कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर एक तरफ जहां पूरा देश प्रभावित है वही बगल के गांव करनपुर में प्रधान पुत्र की सूझबूझ के चलते पूरा गांव संक्रमित होने से बच गया। अजय कुमार जयसवाल करनपुर गांव की प्रधान कौशल्या देवी के पुत्र हैं। जब से लाकडाउन हुआ है यह हमेशा कोशिश में रहते है कि गांव में कौन बाहर से आ रहा है। कौन जा रहा है। सब पर पूरी नजर रखे थे और समय-समय पर पुलिस प्रशासन को सूचना देते रहते थे। मुंबई से नौ लोगों की करनपुर आने की सूचना मिली तो अजय कुमार ने पुलिस प्रशासन की मैसेज भेज कर आगाह कर दिया कि मुंबई से चलकर करनपुर गांव आ रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा गांव संक्रमण की चपेट में आ जाएगा। अंत में अजय व प्रशासन का सहयोग रंग लाया और 9 लोगों को शेल्टर होम में रखा गया। मंगलवार को जनपद में 3 नए केस पॉजिटिव मिले हैं। ज्ञान चंद पुत्र लालता प्रसाद चौहान, किशनलाल पुत्र मुन्नी चौहान दोनों करनपुर तहसील बदलापुर के रहने वाले हैं। 24 अप्रैल को राम प्रसाद की ट्रक में जो स्वयं भी करनपुर के रहने वाले हैं मुंबई से बदलापुर आए थे। गांव के प्रधान उनके संपर्क में थे। प्रधान ने इन सबको बदलापुर में रोक लिया और अस्पताल ले गए जहां इनको चेकअप के बाद सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज में 14 दिन के शेल्टर क्वॉरेंटाइन में रखा गया और वहां पर इनका 24 अप्रैल को ही नमूना लेकर बीएचयू भेजा गया। इन 9 लोगों में से 2 लोगों का सैंपल पॉजिटिव आया। प्रधान पुत्र ने बहुत ही होशियारी का काम किया। प्रधान की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। उनकी सूझबूझ की वजह से लोग गांव नहीं जा पाए और सीधे शेल्टर होम में अस्पताल में जांच करके रखा गया। इसी तरह अन्य प्रधानों को भी सावधानी बरतनी होगी तभी संक्रमण को रोका जा सकता है।