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रविवार, 11 सितंबर 2016

तीखी आवाज़

शिवपाल के करीबी एमएलसी चंचल को जान से मारने की धमकी

वाराणसी. सूबे की सत्ता में नंबर दो की हैसियत रखने वाले शिवपाल यादव के करीबी गाजीपुर के विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुुद को आजमगढ़ जेल में बंद कुख्यात संजय यादव बताया। विशाल सिंह चंचल ने फोन के आधार पर वाराणसी के बड़ागांव थाने में मुकदमा कायम कराया है। एमएलसी चंचल ने वाराणसी के पुलिस अधिकारियों पर मामले में हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। 
जानकारी के अनुसार वाराणसी के शिवपुर इलाके में रहने वाले एमएलसी चंचल का हरहुआ इलाके में महिंद्रा एंड महिंद्रा की एजेंसी है। शुक्रवार की शाम वह आफिस में बैठे थे। शाम लगभग पौने पांच बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। बकौल चंचल फोन करने वाले ने खुद को आजमगढ़ जेल में बंद संजय यादव बताते हुए कहा कि आपके कुछ प्रधान आरईएस का टेंडर ले गए हैं, उनसे टेंडर वापस करवा लो। एमएलसी ने मामले में अनभिज्ञता जताई तो फोन करने वाले ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अधीक्षण अभियंता को समझा दिया है इसलिए जल्दी टेंडर फार्म वापस करवा दो वरना सीपू सिंह उर्फ सर्वेश सिंह विधायक जैसा हश्र होगा। फोन पर धमकी देने वाले संजय का दावा था कि उसने ही आजमगढ़ में सीपू विधायक की हत्या कराई थी। 
एमएलसी चंचल का आरोप है कि धमकी मिलने के बाद उसनेे वाराणसी के एसएसपी से कई बार संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन कभी मीटिंग में होने की बात आती तो कभी अन्य कार्यों में व्यस्त होने की बात। शनिवार को एमएलसी चंचल ने आईजी से संपर्क कर मामले की जानकारी दी और पुलिस अधिकारी पर हीलाहवाली का आरोप लगाया। शनिवार को दोपहर बाद बड़ागांव थाने में चंचल की तहरीर पर मुकदमा कायम करने के बाद पुलिस कार्रवाई में जुटी। 
शिवपाल के करीबी माने जाने वाले चंचल ने सपा सरकार के मंत्री ओमप्रकाश सिंह से झटका खाने के बाद गाजीपुर में बतौर निर्दल विधान परिषद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। शिवपाल से अच्छे रिश्ते होने के बाद भी टिकट न मिलने से खिन्न चल रहे चंचल ने धमकी के प्रकरण को लेकर सपा सरकार पर भी निशाना साधा। कहा कि मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र की जेल से उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है और वह भी पांच-छह लाख रुपये के सार्वजनिक कार्यों के लिए। 
पुलिस के रिकार्ड के अनुसार एमएलसी को धमकी देने वाला संजय यादव गाजीपुर के ही बहरियाबाद का निवासी है। संजय के चाचा खूंखार अपराधी दूधनाथ पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। चाचा की मौत के बाद संजय ने गैंग की कमान संभाल रखी है। लूट, हत्या, डकैती जैसे संगीन अपराध करने वाले पचास हजार ईनामी बदमाश संजय बीते पांच वर्षों से आजमगढ़ जेल में है। जेल में रहते हुए पुलिस अधिकारियों की मदद से उसने अपना साम्राज्य बरकरार रखा और आलम यह कि जेल में रहते हुए उसने आजमगढ़ के जहानागंज ब्लाक के प्रमुख की कुर्सी भी हथिया ली।

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