खुद के फर्जी हस्ताक्षर करने वाले पुलिस कर्मी को गिरफ्तार करने का इन्स्पेक्टर कैन्ट को एसएसपी वाराणसी ने दिया आदेश...
एसएसपी वाराणसी आकाश कुलहरि का फर्जी हस्ताक्षर कर कई सिपाहियों की हटा दी थी ड्यूटी.
वाराणसी. वाराणसी के वरिष्ठ अधीक्षक आकाश कुलहरि के लिए बुधवार का दिन खासा परेशानी वाला रहा। एक ओर शहर में बढ़ते अपराध के बाद पुलिसकर्मियों की लीपापोती तो दूसरी ओर शहर में आतंकी हमले की आशंका ने एसएसपी की धड़कन पहले ही बढ़ा रखी थी कि एक फाइल ने उनके होश उड़ा दिए।
जन सुनवाई के लिए एसएसपी आफिस आकाश कुलहरि उस समय हतप्रभ रह गए जब उनके कार्यालय के प्रधान लिपिक ने 100 नंबर से संबंधित फाइल उनके टेबल पर रखी। एसएसपी ने देखा कि एक दर्जन से अधिक सिपाहियों की ड्यूटी में फेरबदल किया गया है वह भी उनके हस्ताक्षर से। एसएसपी ने पहली नजर में ही अपना फर्जी हस्ताक्षर पकड़ लिया। छानबीन में पता चला कि उक्त हरकत राणा प्रताप यादव ने किया है।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि 100 नंबर के लिए मलदहिया क्षेत्र में चयनित पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण चल रहा है। कुछ सिपाही प्रशिक्षण से बचना चाह रहे थे। राणा प्रताप ने अपने परिचित सिपाहियों की ड्यूटी हटाने संबंधित आदेश उनके हस्ताक्षर से जारी कर दिया है। सिपाहियों की संख्या लगभग पंद्रह है।
एसएसपी के फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी होते ही एसएसपी आफिस में अफरातफरी मच गई। कप्तान के तेवर देखकर राणा प्रताप की तलाश शुरू हुई तो पता चला कि वह आज आफिस आया ही नहीं है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर कैंट को आरोपी पुलिसकर्मी राणा प्रताप यादव को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। साथ ही एसएसपी आफिस व बंगले पर कार्यरत बाबुओं को चेतावनी जारी कि यदि दोबारा मामला पकड़ में आया तो पूरे स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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