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शनिवार, 24 सितंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

सुल्तानपुर

केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

नियमितीकरण और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। कार्यकर्ताओं के एक नहीं अब चार धड़े हो गए हैं। एक गुट तिकोनिया पार्क में 22 दिन से प्रदर्शनरत है, जबकि दूसरा गुट शुक्रवार से विकास भवन परिसर में धरना दे रहा है। वहीं कुछ आंगनबाड़ियों के समूह को लेकर एक अन्य गुट ने हड़ताल से हाथ पीछे खींच लिया है। बहरहाल पार्क में कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ हल्लाबोल किया।

महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले शहर के तिकोनिया पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय 18 हजार करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर काम बंद, कलम बंद हड़ताल कर रही हैं। हालांकि अभी तक आंगनबाड़ी संगठनों में मतभेद नहीं नजर आ रहा था, लेकिन गत दिनों से अफसरों को एक गुट ने पत्र भेजकर खुद को आंदोलन से अलग करने की घोषणा कर दी। इधर, संघ की उपाध्यक्ष श्यामलता ने ऐसे लोगों के समूह को फर्जी संगठन करार दिया। कहा ये आंगनबाड़ी हितों को बेचकर अपनी जेब भरने के लिए काम कर रहे हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है। इस मौके पर नीलम श्रीवास्तव, रीता मिश्रा, कनकलता, पुष्पा पांडेय, चित्रा सिंह, विनीता तिवारी, सर्वेश कुमारी, कंचन सिंह, राजेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहीं। उधर, विकास भवन परिसर में अधिकारी महासंघ के बैनर तले दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। संगठन अध्यक्ष केशपुत्री सिंह व कल्पना तिवारी ने दो अक्टूबर को विकास भवन पर बैठक बुलाई। जिसमें कार्यकारिणी के पुनर्गठन के साथ ही आगे की रणनीति तैयार करने पर विचार किया जाएगा

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