उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का अनुसरण करते हुए राज्य सरकार भी काम कर रही है और अक्टूबर 2018 तक पूरे राज्य में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सफल हो सकेगी ।
मुख्यमंत्री आज यहां ऊर्जा विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं उपभोक्ता सुविधाओं के शुभारम्भ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने करीब 936 करोड़ रुपये लागत के 14 विद्युत उपकेन्द्रों का लोकार्पण किया। इनमें मथुरा एवं बांदा में 400 के०वी० तथा जनपद गौतमबुद्धनगर, रामपुर, बहराइच, रायबरेली, मेरठ, मैनपुरी, मिर्जापुर, पीलीभीत तथा सम्भल में 132 के०वी० के एक-एक पारेषण विद्युत उपकेन्द्र के साथ ही इलाहाबाद के मऊआइमा तथा साथर एवं प्रतापगढ़ के चैसा जिले में 33 के०वी० वितरण उपकेन्द्र भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति में एकरूपता लाकर वीआईपी संस्कृति खत्म कर दी है, जबकि पूर्ववर्तीय सरकार में केवल पांच जिलों में चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाती थी और वह भी बाकी जिलों की कीमत पर।
मुख्यमंत्री ने वीआईपी संस्कति के बारे में बोलते हुए किसी पार्टी का नाम नहीं लिया। हालांकि उनकी यह टिप्पणी सपा और बसपा के संदर्भ में देखी जाती है जो बारी बारी से एक दशक से भी अधिक समय तक उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ रहीं और इनके शीर्ष नेताओं के गह जिलों को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की जाती रही। प्रदेश में 936 करोड़ रपये की लागत से 14 विद्युत उप केन्द्रों का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार सभी 75 जनपदों में बिजली वितरण की समान व्यवस्था लागू करेगी और अक्तूबर, 2018 तक सभी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लक्ष्य की दिशा में हम बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, उज्ज्वला योजना की तर्ज पर हमारी सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराएगी। हमें एक ऐसी व्यवस्था विरासत में मिली थी जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने में महीनों और शहरी क्षेत्रों में ऐसे ट्रांसफार्मरों को बदलने में कई दिन लग जाते थे। अब लोग एक टोल—फ्री नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे में ऐसे ट्रांसफार्मर बदल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबी रेखा के नीचे के सभी शहरी एवं ग्रामीण इलाकों के परिवारों को कैम्प तथा मेलों आदि का आयोजन कर उज्ज्वला योजना की तर्ज पर मुफ्त बिजली कनेक्शन देगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उज्ज्वला योजना में निःशुल्क गैस कनेक्शन प्राप्त करने वालों को गैस सिलेण्डर के लिए भुगतान करना पड़ता है, वैसे ही निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्राप्त करने वालों को भी उपभोग की गयी बिजली का भुगतान करना होगा।
उन्होंने कहा कि उपभोग की गयी बिजली का भुगतान करने से बिजली क्षेत्र की अधिकतर समस्याओं का समाधान स्वतः ही हो जाएगा। विद्युत विभाग में जनता के हित के लिए उठाये गये कदमों के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा तथा ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह एवं उनके सहयोगियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता को बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए संचालित अभियान आगे भी जारी रहेगा। वर्तमान समय में विद्युत ऊर्जा एक आवश्यकता बन गयी है। प्रदेश के त्वरित विकास के लिए पर्याप्त एवं सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता अत्यन्त जरूरी है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
have any doutes. please let me