लखनऊ ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने व वेतन न मिलने से नाराज बिजली संविदा कर्मचारियों ने शक्ति भवन पर गुरुवार को 9वें दिन क्रमिक अनशन किया। संगठन के अध्यक्ष रामपाल मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को चार-पांच महीनों से वेतन नहीं दिया गया। इससे श्रमिक का परिवार तंगहाली में जिंदगी गुजरने पर मजबूर है। चतुर्थ श्रेणी व आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों के ऊपर यह पूरी व्यवस्था निर्भर है। अधिकारियों द्वारा दूरभाष के शिकार हो रहे हैं, जहां कहीं भी बिजली की सप्लाई बाधित हो रही है। वहां पर उपभोक्ताओं द्वारा इन कर्मचारियों पर सीधा प्रहार किया जा रहा है। ऐसे में इनकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। संगठन के महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय ने कहा कि संगठन व पावर कॉरपोरेशन के मध्य 9 अक्टूबर 2012 को समझौता हुआ था जिसमें तीन माह के अंदर ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की बात कही गई थी। जो आज तक लागू नहीं है। अनशन में टीपी सिंह, केडी मिश्र, राजू कश्यप सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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