उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने गरीब किसानों के कर्ज माफी के ऐलान को अमल में लाने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य का बजट पास करा इस कर्ज माफी वाली धनराशि बैंकों दे जाए और किसानों को कर्ज माफी संबंधी प्रमाण पत्र दे दिए जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को फसली ऋण योजना के अमल को लेकर वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव राहुल भटनागर, अपर मुख्य सचिव वित्त अनूप चन्द्र पाण्डेय तथा कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता के साथ बैठक की। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का वर्ष 2017-18 का बजट पारित होने के बाद लघु व सीमान्त किसानों की फसली ऋण माफी के बराबर की धनराशि बैंकों को उपलब्ध करा दी जाए। ऋण माफी सम्बन्धी प्रमाण-पत्र 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों के बीच जाकर उपलब्ध कराए जाएंगे। योगी ने कहा कि यह सरकार किसानों के कल्याण व उनकी खुशहाली के लिए संकल्पबद्ध है। सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में लघु व सीमान्त किसानों के 31 मार्च, 2016 तक के एक लाख रुपये तक के फसली ऋण को माफ किये जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। कर्ज अदायगी के लिए बैंक न जारी करें किसानों को नोटिस योगी जी ने सभी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दे दिये जाएं कि राज्य सरकार का बजट पास होने तक वे इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों को ऋण अदाएगी के लिए कोई नोटिस न जारी करें। योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जाए।
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