लखनऊ समाजवादी पार्टी दफ्तर में इस बार रोजा अफ्तार में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने इसमें शिरकत नहीं की तो छोटे भाई शिवपाल यादव भी गैरहाजिर रहे और सपा के मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले कद्दावर नेता आजम खां कहीं नजर नहीं आए। पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बतौर मेजबान रोजदारों व दूसरे अतिथियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाया। असल में सपा पारिवारिक विवाद व सत्ता से बाहर होने के बाद खासी उथलपुथल के दौर से गुजर रही है। इसका असर सोमवार को सपा दफ्तर में साफ नजर आया। मुलायम की गैरहाजिरी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। खास बात यह है कि मुलायम सिंह शाम को लखनऊ पहुंच गए और अपने घर पर ही रहे। रोजा अफ्तार पार्टी में मौलाना खालिद रशीद फरंगी , अधिवक्ता जफरयाब जीलानी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री अहमद हसन, अभिषेक मिश्रा, ओम प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे। बतौर मुख्यमंत्री अखिलेश पांच साल मुख्यमंत्री आवास पर रोजा अफ़तार व भोज का आयोजन करते रहे। मुलायम सिंह यादव पार्टी अध्यक्ष की तौर पर सपा दफ्तर में तो मुख्यमंत्री के तौर पर सरकारी आवास पर इस दस्तूर को निभाते रहे। 1992 में पार्टी बनने के बाद यह पहला मौका है कि सपा की रोजा अफ्तार में खुद मुलायम नहीं आए। पर अब वक्त व हालात बदले हुए हैं।
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