अनामिका सिंह (ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर)
सुलतानपुर : रात्रिकालीन कटौती ने नगरवासियों का सुकून छीन लिया है। बीते एक सप्ताह से महकमा रात की कटौती
सुलतानपुर : रात्रिकालीन कटौती ने नगरवासियों का सुकून छीन लिया है। बीते एक सप्ताह से महकमा रात की कटौती से बाज नहीं आ रहा है। रात के नौ बजते ही कटौती का सिलसिला जो शुरू होता है वह देर रात तक जारी रहता है। बरसात व उमस भरी गर्मी के बीच लोग कमरों में रात गुजारने को मजबूर हैं। जिससे उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। वहीं दिन में लगातर आपूर्ति मुश्किल हो गई है।
बीते सप्ताह भर से महकमा रात्रि की अघोषित बिजली कटौती कर रहा है। कभी शाम आठ बजे से तो कभी नौ बजे कटौती की जाती है। उसके बाद भी लगातार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिससे लोगों की नींद में खलल पैदा हो रही है। गुरुवार की शाम तो हद हो गई। शाम सात बजे से आपूर्ति बाधित होना जो शुरू हुई देर रात तक जारी रही। स्थिति यह रहती है कि कई मुहल्लों में तो जरा सी तकनीकी खराबी आने से रात-रात भर बिजली गुल रहती है। शुक्रवार को भी दिन भर यही हाल रहा। घंटे-घंटे पर बिजली कटौती की जाती रही। त्योहारों के मौसम में हो रही अंधाधुंध कटौती से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। नगरवासियों ने बिजली कटौती को लेकर धरना-प्रदर्शन तक किया, लेकिन महकमे की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। इस बाबत अवर अभियंता जियालाल का कहना है कि नगर वासियों को रोस्टर के मुताबिक ही बिजली दी जा रही है। तकनीकी खराबी आने पर ही कटौती की जाती है, जो कुछ ही देर मे बहाल कर दी जाती |
सुलतानपुर : रात्रिकालीन कटौती ने नगरवासियों का सुकून छीन लिया है। बीते एक सप्ताह से महकमा रात की कटौती
सुलतानपुर : रात्रिकालीन कटौती ने नगरवासियों का सुकून छीन लिया है। बीते एक सप्ताह से महकमा रात की कटौती से बाज नहीं आ रहा है। रात के नौ बजते ही कटौती का सिलसिला जो शुरू होता है वह देर रात तक जारी रहता है। बरसात व उमस भरी गर्मी के बीच लोग कमरों में रात गुजारने को मजबूर हैं। जिससे उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। वहीं दिन में लगातर आपूर्ति मुश्किल हो गई है।
बीते सप्ताह भर से महकमा रात्रि की अघोषित बिजली कटौती कर रहा है। कभी शाम आठ बजे से तो कभी नौ बजे कटौती की जाती है। उसके बाद भी लगातार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिससे लोगों की नींद में खलल पैदा हो रही है। गुरुवार की शाम तो हद हो गई। शाम सात बजे से आपूर्ति बाधित होना जो शुरू हुई देर रात तक जारी रही। स्थिति यह रहती है कि कई मुहल्लों में तो जरा सी तकनीकी खराबी आने से रात-रात भर बिजली गुल रहती है। शुक्रवार को भी दिन भर यही हाल रहा। घंटे-घंटे पर बिजली कटौती की जाती रही। त्योहारों के मौसम में हो रही अंधाधुंध कटौती से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। नगरवासियों ने बिजली कटौती को लेकर धरना-प्रदर्शन तक किया, लेकिन महकमे की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। इस बाबत अवर अभियंता जियालाल का कहना है कि नगर वासियों को रोस्टर के मुताबिक ही बिजली दी जा रही है। तकनीकी खराबी आने पर ही कटौती की जाती है, जो कुछ ही देर मे बहाल कर दी जाती |

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
have any doutes. please let me