जांच रिपोर्ट में एसओ ने कहा कि मौके पर ही नहीं थे लकी यादव
थानाध्यक्ष लाइन बाजार वीपी यादव ने एसपी को सौंपी जांच रिपोर्ट
एसओ ने कहा- ब्लाक प्रमुख बरसठी का गनर था अजय यादव
सीओ सिटी आरपी सिंह यादव ने पीड़ित का दर्ज किया बयान
यादववाद का खेल- आरोपी लकी यादव, जांचकर्ता वीपी यादव, गनर अजय यादव, बयान लेने वाला अधिकारी आरपी सिंह यादव
जौनपुर। सूबे के कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव के सरकारी गनर द्वारा गत दिवस एक पत्रकार की पिटाई को थानाध्यक्ष लाइन बाजार ने पूरी तरह से फर्जी करार दे दिया। इसको लेकर जहां अभी तक मंत्री पुत्र सहित गनर के खिलाफ पत्रकारों में आक्रोश रहा, वहीं अब थानाध्यक्ष लाइन बाजार की कार्यप्रणाली को लेकर जनपद के पत्रकार आक्रोशित हो गये हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने जो रिपोर्ट आरक्षी अधीक्षक को सौंपी है, उसमें जहां गनर द्वारा किसी की पिटाई न करने का मामला दर्शाया है, वहीं उस समय गाड़ी में मंत्री के पुत्र नहीं, बल्कि उनकी पत्नी व बरसठी ब्लाक प्रमुख हीरावती देवी को सवार होना दिखाया है। इस मामले पर पीड़ित पत्रकार ने पोर्टल शीराज-ए-हिन्द डॉट काम को बताया कि पुलिस अपनी गर्दन बचाने के लिये मेरे मामले को झूठा करार दे रही है। गुरूवार को क्षेत्राधिकारी नगर आरपी सिंह यादव ने मुझे अपने आफिस में बुलाकर जबरदस्ती बयान दर्ज करवाया लेकिन अब मैं न्यायालय की शरण में जाऊंगा। मालूम हो कि बीते सोमवार को मड़ियाहूं विधानसभा के ई टीवी के इन्फारमर व मड़ियाहूं तहसील के अधिवक्ता बृजराज चौरसिया जौनपुर आ रहे थे। रास्ते में लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रसैना गांव के पास जाम में फंस गये थे कि इसी बीच सूबे के कैबिनेट मंत्री के पुत्र लकी यादव भी जाम के झाम में फंस गये। इससे गुस्साया उनके साथ मौजूद सरकारी गनर एक तरफ से जाम में फंसे सभी लोगों पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया जिसमें पत्रकार बृजराज को भी सिपाही के कोप के भाजन होना पड़ा। विरोध करने पर गनर ने उनके ऊपर कारबाइन तान दिया था। इस प्रकरण को लेकर बुधवार को इलेक्ट्रानिक मीडिया संघ ने आरक्षी अधीक्षक अतुल सक्सेना से मिलकर कार्यवाही की मांग किया जिस पर उन्होंने शाम तक जांच कराकर कार्यवाही की बात कही थी। उन्हीं के आदेश पर थानाध्यक्ष लाइन बाजार विश्वनाथ यादव ने शाम को अपनी रिपोर्ट आरक्षी अधीक्षक को सौंपी। उन्होंने अपनी जांच में साफ लिखा है कि घटना वाले दिन मिर्जापुर से जौनपुर आ रही एक गिट्टी लदी ट्रक रजितपुर ग्रामसभा के पास पलट गयी थी जिसके कारण जाम लग गया था। इस जाम में आरोप लगाने वाले पत्रकार बृजराज चौरसिया एडवोकेट भी फंसे हुये थे। इसी बीच बरसठी ब्लाक प्रमुख हीरावती देवी की गाड़ी रसैना के पास आकर फंस गयी। इसके चलते उनका गनर अजय निवास यादव गाड़ी से उतरकर जाम को हटाने लगा जिस पर जाम में फंसे पत्रकार बृजराज ने गनर से कहा कि केवल ब्लाक प्रमुख के लिये रास्ता साफ करा रहे हो? इतने में ब्लाक प्रमुख की गाड़ी निकल गयी और उनका गनर भी वाहन में बैठकर चला गया। उसने किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की। आवेदक द्वारा प्रार्थना पत्र बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया है जो असत्य एवं निराधार है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्राधिकारी नगर राम प्रसाद सिंह यादव ने पीड़ित पत्रकार को बुलाकर उनका बयान दर्ज किया। इस रहस्यमय जांच से अंदाजा लगाया जा रहा है कि जब एक पत्रकार के मामले में पुलिस का यह चेहरा सामने आ रहा है तो आम जनता के साथ पुलिस क्या करती होगी? फिलहाल इसको लेकर जहां अभी तक मंत्री पुत्र सहित गनर के खिलाफ पत्रकारों में आक्रोश रहा, वहीं अब थानाध्यक्ष लाइन बाजार की कार्यप्रणाली को लेकर जनपद के पत्रकार आक्रोशित हो गये हैं।
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