डेंगू से हो रही मौतें, सो रहा स्वास्थ्य महकमा
सुलतानपुर
स्वास्थ्य व्यवस्था का असली चेहरा वहीं पुराना घिसापिटा आज भी बरकरार है।
स्वास्थ्य व्यवस्था का असली चेहरा वहीं पुराना घिसापिटा आज भी बरकरार है। संक्रामक रोग हों या इमरजेंसी सेवा की बदहाली। तनिक भी कहीं बदलाव नहीं दिखता। इधर, डेंगू ने पांव पसारे तो स्थिति और बदतर दिखने लगी। जिले में दो मौतें इस जानलेवा बुखार से हो चुकी हैं। दूबेपुर में किशोरी ने दम तोड़ा सूचना के बाद भी स्वास्थ्य टीम ने उस ओर रुख नहीं किया। चार दिन बाद ही भदैयां के कुछमुछ गांव में डेंगू पीड़ित मासूम की मौत हो गई। जिसके बाद महकमा हरकत में आया। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने गांव में पहुंचकर जांच पड़ताल की औपचारिकता निभाई।
बारिश के मौसम में मच्छर तेजी से पनपते हैं। इसके चलते मच्छरजनित रोग फैलने लगते हैं। जिनमें मलेरिया, चिगनगुनिया व डेंगू प्रमुख हैं। इनमें सबसे खतरनाक डेंगू बुखार है। जिससे पीड़ित मरीज के इलाज में अगर जरा सी भी देरी व लापरवाही हुई तो उसकी जान भी जा सकती है। ऐसे में प्रशासन ने इस जानलेवा संक्रामक बीमारी की रोकथाम व बचाव के लिए बीत दिनों सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को खास दिशा निर्देश जारी किए थे। इस संबंध में तीन-चार दिन पूर्व फैजाबाद मंडल मुख्यालय पर सूबे के मंत्री रविराज मेहरोत्रा ने समीक्षा बैठक की थी। जिसमें डेंगू बुखार को लेकर लापरवाही बरतने पर मुख्य चिकित्साधिकारियों को मंत्री ने कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही साथ उन्होंने रोग से बचाव के उपाय व निरोधात्मक कार्रवाई करने के लिए कड़े निर्देश भी दिए थे, लेकिन जिले में इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। गत 19 अगस्त को दूबेपुर ब्लाक के झालापुर (अहिमाने) गांव निवासी ¨सपल (17) पुत्री तुलसीराम प्रजापति की मेडिकल कालेज लखनऊ में डेंगू से मौत हो गई। हफ्ते भर बाद भी गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम जांच पड़ताल करने नहीं पहुंची और न ही दवा का छिड़काव कराया गया। मृतक किशोरी की मां जानकी देवी भी दो दिनों से बुखार से पीड़ित है। इस घटना को पांच दिन भी नही बीता था कि भदैयां ब्लाक के कुछमुछ गांव निवासी शोभानाथ निषाद की डेंगू पीड़ित दो वर्षीय मासूम बेटी गुड़िया की भी 24 अगस्त को इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों की नींद टूटी। जांच पड़ताल में गांव के 77 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए।
शनिवार को जिला अस्पताल में आए तीन संदिग्ध
महीने भर से जिला अस्पताल में संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ रही है। हालात यह हैं कि बेड कम पड़ जा रहे हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों में तेज बुखार से ग्रसित लोगों की संख्या सबसे अधिक है। पैथालॉजी/ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.एसके पांडेय ने बताया कि शनिवार को डेंगू के तीन संदिग्ध मरीज जांच के लिए आए। नौ जून से 26 अगस्त के बीच स्क्री¨नग टेस्ट में आठ केस डेंगू पाजिटिव मिले। जिन्हें एलॉयजा टेस्ट के लिए मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया है।
तीन दिन पूर्व सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ डेंगू बुखार को लेक समीक्षा बैठक की गई थी। जिसमें लोगों को इस संक्राम रोग के प्रति जागरूक व निरोधात्मक कार्रवाई करन के लिए निर्देशित किया गया है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुलतानपुर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में समुचित मात्रा में प्लेटलेट्स उपलब्ध है। डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। जहां पर प्लेटलेट्स चढ़ाने व इलाज की विशेष व्यवस्था की गई है।
डॉ.आरके राय
उप निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
गोवंश लदा वाहन छोड़ पशु तस्कर फरार
सुलतानपुर
जय सिंहपुर गश्त पर निकली पुलिस को देखकर गोवंशों से लदा वाहन छोड़कर पशु तस्कर शुक्रवार की रात भाग निकले। पुलिस पिकअप समेत गोवंशों को थाने लेकर चली गई। मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामला शुक्रवार की देर रात का है। गश्त पर निकले उपनिरीक्षक राघवेंद्र प्रताप यादव मुखबिर की सूचना पर अपने हमराहियों के साथ हालापुर के करीब बहरी गांव पहुंचे। संदिग्ध परिस्थिति में बोलेरो पिकअप खड़ी देख पुलिस पूछ-ताछ के लिये आगे बढ़ी तो ड्राइवर गाड़ी छोड़ मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दो गोवंशों को पिक-अप वाहन में बंधा देख वाहन समेत गोवंशों को कोतवाली लाया। विवेचक उपनिरीक्षक सुनील पांडेय ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों का पता लगाया जा रहा है।
सुल्तानपुर
चितई पुरवा में डायरिया, आधा दर्जन बीमार
भदैंया क्षेत्र के चितई पुरवा पखरौली गांव में तीन दिन से डायरिया फैला है। एक महिला की ह
भदैंया (सुलतानपुर) : क्षेत्र के चितई पुरवा पखरौली गांव में तीन दिन से डायरिया फैला है। एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को गांव पहुंची। पीड़ितों की जांच-पड़ताल की सावधानियां बरतने की सलाह दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदैयां के पखरौली गांव के चितई का पुरवा में तीन दिनों से डायरिया का प्रकोप है। आधा दर्जन से अधिक लोग उल्टी-दस्त से जूझ रहे है। प्रधान की सूचना पर दोपहर बाद अस्पताल से स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। मरीजों का इलाज व जांच-पड़ताल की। साफ-सफाई व छिड़काव कराया। हालत गंभीर होने पर गांव की हीरावती देवी (45) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है
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