Blog

शनिवार, 20 अगस्त 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़ पुलिस चौकी पर लँगूर का उत्पात दो सिपाही धायल


भुपियामऊ पुलिस चौकी पर शुक्रवार की सुबह एक लंगूर ने जमकर उत्‍पात मचाया। उसे भगाने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लंगूर ने कुर्सी समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में उसे बाग की ओर भगाया गया। जहां कुत्तों ने हमला कर उसे मार डाला।

भुपियामऊ पुलिस चौकी पर सुबह आठ बजे एक लंगूर पहुंच गया। वह चौकी पर रखी कुर्सी इधर- उधर फेंकने  के साथ ही कपड़े फाड़ने लगा। बिजली के बोर्ड को भी तोड़ डाला। आरक्षी संजय साहू व अमरनाथ ने लंगूर को भगाने लगे तो उसने दोनों पर हमला बोल दिया। जिसमें वे लहूलुहान हो गए। लंगूर के डर से दूसरे पुलिसकर्मी कमरे का दरवाजा बंद कर तमाशा देखते रहे। जब आसपास के लोगोें ने शोर मचाया तो लंगूर छत पर चढ़ गया। इसके बाद दोनों सिपाही बाहर निकले। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मामले की सूचना

वन विभाग को दी। करीब 11 बजे पुलिसकर्मी लंगूर को चौकी से दूर भगाने में आखिरकार कामयाब हो गए। हालांकि कुछ ही देर में कुत्तों ने उसे घेर लिया और मार डाला। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लंगूर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

प्रतापगढ़==बाढ़ का कहर , 10 बेघर 


सई नदी का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला शुक्रवार को थम गया लेकिन लोगों की मुश्किलें बढ़ने का क्रम जारी रहा। नदी का पानी बढ़ने से दस 10 घरों में प्रवेश कर गया था। इनमें रहने वाले सभी लोगों ने बोरिया-बिस्तर लेकर पड़ोसियों के घर पर ठौर बना लिया है। उधर तेज बहाव से शुक्रवार को निर्माणाधीन नाले की दीवार बह गई। नगर पालिका की टीम ने बस्ती का जायजा भी लिया।

सोमवार को हुई मूसलाधार बरसात के बाद से सई नदी पूरे उफान पर थी। शुक्रवार की सुबह जलस्तर बढ़ने का सिलसिला थम गया। हालांकि निचले स्तर पर मकान बनाने वाले लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। बेल्हा देवी मंदिर के पूर्वी दिशा में बने 10 मकानों में सई नदी का पानी प्रवेश कर गया है। जिसके चलते देवेश मौर्या, रामजस, विनोद कुमार, दीपिका समेत अन्य सभी अपना मकान छोड़कर आसपास रहने वालों के मकान में रहने को मजबूर हैं। उधर बेल्हा देवी मार्ग से होकर इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग की ओर आने वाला संपर्क मार्ग भी बह गया। साथ ही निर्माणधीन पुलिया के साथ ही दीवार भी ढह गई। मोहल्ले के लोगों में दहशत अब भी कायम है। उनका कहना है कि रात में तेज बरसात हुई तो खतरा हो सकता है। इसके चलते सभी निचले मकान में रहने वाले लोगों ने अपना कीमती सामान सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया है।

बरसात का कहर जारी,अधेड़ की मौत
जेठवारा थाना क्षेत्र के नौबस्ता बीबीपुर निवासी जीतलाल (55) गांव के ही लाल प्रताप के घर रहकर काम-काज करता था। गुरुवार की रात वह उनके घर के बाहर बने टिनशेड में सो रहा था। रात में तेज हवा के साथ बरसात होने लगी। अचानक टिनशेड के साथ ही पिलर उसके ऊपर आकर गिर गया। मलबे में दबने से जीतलाल की मौत हो गई। बताते हैं कि जीतलाल के दो भाई पंजाब में रहते हैं। खबर मिलने पर दोनों भाई घर के लिए चल पड़े। मानधाता थाना क्षेत्र के खरवई में गुरुवार की शाम से शुक्रवार भोर तक बरसात के चलते जर्जर कच्चे मकान गिरते रहे। गांव के विनोद कुमार पुत्र किशोरी, राजाराम पुत्र महाराजदीन, श्यामलाल पुत्र जोखू सरोज, भारत सिंह व अब्दुल सलाम पुत्र मंशा अली का मकान गिर गया। जिससे सभी की गृहस्थी पूरी तरह से खाक हो गई ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

have any doutes. please let me