इस बार सबसे अलग होगी लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था, हवा से जमीन के अंदर भी रहेगी नजर
नई दिल्लीस्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर लाल किले के आसपास आशंकित हमले को विफल करने के लिए हवा से जमीन तक और उसके अंदर भी कई स्तरों की सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। यहां तैनात सुरक्षा बल बेरेता असॉल्ट राइफलों, हाई-टेक गैजेटों, बॉडी आर्मर्स, हेल्मेट और दूरबीनों से लैस रहेंगे। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा ध्वज फहराएंगे और भाषण देंगे। मोदी लाल किले से तीसरी बार भाषण देंगे। इस बार लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था कई मायनों में अलग होगी।
एक वरिष्ठ CISF अधिकारी ने बताया, 'डॉग स्क्वॉड और बम डिटेक्शन टीम की मदद से इलाके को रोज एक दर्जन बार साफ किया जा रहा है। क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) चक्कर लगाती रहेंगी। सोमवार से लाल किला दिल्ली पुलिस की पीएम सिक्यॉरिटी विंग के अधीन है और सीआईएसएफ उनकी मदद कर रही है। इसमें साल भार सीआईएसएफ के करीब 300 जवान तैनात रहते हैं, 15 अगस्त के लिए अतिरिक्त 350-400 लोग और तैनात किए गए हैं।' उत्तरी दिल्ली के डीसीपी मधुर वर्मा का कहना है, 'ऐंटी-सैबटाज टीमें लगातार चेकिंग और रेंडम सर्च कर रही हैं।' जानिए, लाल किले की और यहां आने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए क्या खास और अलहदा इंतजाम रहेंगे इस बार-
1- लाल किले के आसपास 44 बैरिकेड्स पर टायर किलर तैनात रहेंगे, जो जमीनी खतरों को नाकाम करेंगे।
2- ऊंची इमारतों पर पहली बार NSG के ट्रेन किए हुए ड्रोन डिटेक्टर और पैराग्लाइडर हवाई सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
3- दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 9 हजार से ज्यादा जवान किले के आसपास और उन रास्तों पर रहेंगे, जहां से पीएम और दूसरे वीवीआईपी लाल किले तक आएंगे।
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