चीन ने दुनिया को दिखाई ताकत, परमाणु सुरक्षा इमरजेंसी ड्रिल को दिया अंजाम
चीन ने पहली बार व्यापक परमाणु सुरक्षा इमर्जेंसी ड्रिल को अंजाम दिया है। चीन के एक मंत्री ने इस बात की जानकारी दी।पेइचिंग(प्रेट्र)। चीन ने एक बार फिर दुनिया को संदेश देते हुए किसी आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर अपनी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया है। चीन ने पहली बार व्यापक परमाणु सुरक्षा इमर्जेंसी ड्रील को अंजाम दिया है।
चीन के एक मंत्री ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस न्यूक्लियर ड्रील का कोडनेम 'फेंगबाओ 2016' रखा गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सायेंस, टेक्नॉलजी ऐंड इंडस्ट्री प्रशासन की तरफ से कहा गया कि इस ड्रिल का मकसद सुरक्षा के किसी आपातकालीन हालात को ध्यान में रखते हुए देश की प्रतिक्रिया तंत्र को परखना था।
प्रशासन की तरफ से कहा गया कि इस ड्रिल की पहले से कोई योजना नहीं थी और इसे अचानक से अंजाम दिया गया। इसके तहत परमाणु सुरक्षा सिस्टम को टेस्ट किया गया।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सायेंस, टेक्नॉलजी एंड इंडस्ट्री प्रशासन के उप निदेशक और चीन के परमाणु एनर्जी अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन वांग यीरन की देखरेख में इस ड्रिल को अंजाम दिया गया। इसके अलावा ड्रिल के दौरान केंद्रीय सरकारी एजेंसियों, स्थानीय सरकारों और चीन के नैशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बता दें कि पिछले साल जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2015 तक चीन के पास 27 ऐसे न्यूक्लियर पावर यूनिट्स थे जो कार्यरत हैं। इसके अलावा वह ऐसे 25 और यूनिट्स का निर्माण कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज
अनुप्रिया के साथ ही अपना दल के एक विधायक तथा दो दर्जन समर्थकों के खिलाफ यातायात में व्यवधान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।
लखनऊ (जेएनएन)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और उनके काफिले में मौजूद सैकड़ों समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उल्लेखनीय कि पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पहली बार लखनऊ आई थीं।
सपा को बेदखल कर एनडीए को सत्ता सौंपने का आह्वान: अनुप्रिया
मुकदमा दर्ज कराने वाले दारुलशफा चौकी इंचार्ज संजय कुमार गुप्ता के मुताबिक जीपीओ से लेकर विधानसभा मार्ग तक मंत्री के काफिले में मौजूद 100 से अधिक गाडिय़ों के कारण सड़क पर भीषण जाम लग गया था। करीब दो घंटे तक मार्ग पर यातायात अवरुद्ध रहा। जाम के कारण आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बता दें, मंत्री बनने के बाद शनिवार को अनुप्रिया पटेल पहली बार राजधानी लखनऊ आईं थीं। उन्होंने पटेल प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था। इसके बाद वह अंबेडकर महासभा कार्यालय भी पहुंचीं थीं। इस दौरान उनके साथ मौजूद समर्थकों के काफिले के कारण काफी देर तक ट्रैफिक जाम लगा रहा।
BCCI पर लोढ़ा समिति की सिफारिशें अवैध और असंवैधानिक: काटज
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बीसीसीआई में सुधार को लेकर की गई लोढ़ा समिति की सिफारिशों को अवैध और असंवैधानिक करार दिया।नई दिल्ली, प्रेट्र। पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) में सुधारवादी कदमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निशाना साधा है। उन्होंने इन सुधारवादी कदमों को 'असंवैधानिक और गैरकानूनी' करार दिया।
न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सलाह के लिए बीसीसीआइ ने काटजू को नियुक्त किया है। काटजू ने बोर्ड को सलाह दी है कि वो सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ के समक्ष समीक्षा याचिका दायर करे और नौ अगस्त को समिति के साथ पूर्व निर्धारित बैठक नहीं करे। उन्होंने समिति को 'अमान्य' करार दिया है।
काटजू ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने जो किया है वह असंवैधानिक और गैरकानूनी है। इसमें संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। संविधान के अंतर्गत हमारे पास विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। इनके कायरें को अलग-अलग रखा गया है। कानून बनाना विधायिका का विशेषाधिकार है। अगर न्यायपालिका कानून बनाने लगेगी तो यह खतरनाक मिसाल स्थापित करना होगा। मैंने बीसीसीआइ को सलाह दी है कि बड़ी पीठ के समक्ष समीक्षा याचिका दायर करें।' बीसीसीआइ सचिव अजय शिर्के ने कहा कि बोर्ड न्यायमूर्ति काटजू द्वारा तैयार अंतरिम रिपोर्ट का पहले अध्ययन करेगा और फिर फैसला करेगा।
काटजू बने बीसीसीआइ की कानूनी समिति के प्रमुख
न्यायमूर्ति काटजू का तर्क है कि बीसीसीआइ का संविधान तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत तैयार किया गया है और सुप्रीम कोर्ट तथा लोढ़ा समिति बीसीसीआइ के उप नियमों में बदलाव के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
सऊदी अरब में बंधक बने बिहारी ने भेजा वीडियो, कहा - मुझे बुला लो पीएम मोदी जी
गोपालगंज का एक युवक सऊदी अरब मे बंधक बना हुआ है। उसने अपना वीडियो भेजकर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि उसे वतन वापस बुला लें।पटना [वेब डेस्क]। सऊदी अरब में बंधक गोपालगंज के एक युवक ने अपना एमएमएस वीडियो भेजकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पीएम नरेंद्र मोदी से वतन वापसी की गुहार लगाई है। बंधक बने युवक का नाम अरविंद कुमार प्रसाद है। वह बिहार में गोपालगंज के फुलवरिया के गोसाई मांझा निवासी ब्रिजनंदन साह का बेटा है।
अरविंद ने सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये अपना वीडियो अपलोड किया है। अरविंद ने अपना वीडियो अपने दूसरे साथियों के जरिये भेजा है। इसमें अरविंद ने कहा कि वह गोपालगंज के फुलवरिया का रहने वाला है। वह पिछले साढ़े पांच साल से सऊदी अरब में है।
वह 2011 में सऊदी के रियाद शहर मजदूरी करने गया था, लेकिन उसका ठेकेदार उसे पिछले ढाई साल से खाने के लिए नहीं दे रहा है। ठेकेदार के दिए कमरे में ना तो बिजली है और ना ही रोशनी। वह गोपालगंज और सीवान के दूसरे मजदूरों के रहमोकरम पर अपनी जिंदगी काट रहा है।
वतन वापसी के लिए अपने ठेकेदार (कथित नाम कपिल) से कई बार गुहार लगा चुका है लेकिन ठेकेदार उसे न तो वेतन दे रहा है और ना ही देश वापस भेजता है।
अरविंद ने गुहार लगाते हुए कहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पीएम नरेंद्र मोदी से पाने वतन वापस बुला लें। वह वर्तमान में सऊदी के नजरान शहर में बंधक बना हुआ है।
यहां बता दें कि अरविंद की पत्नी मुन्नी देवी गोपालगंज के डीएम राहुल कुमार से मिलकर कई बार अपना आवेदन दिया और पति को सऊदी अरब के वापस बुलाने की मांग की है। पीड़ित परिजनों के पास पैसे के अभाव है और उनके घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य विदेश में बंधक बना हुआ है।
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