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रविवार, 4 सितंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़ -भीषण गर्मी में इमरजेंसी कटौती से लोग बेहाल
रात में की जा रही अंधाधुंध बिजली कटौती गर्मी में कोढ़ का काम कर रही है। उमस से लोग बेहाल हैं। अघोषित कटौती से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

दिन में तीन और रात में दो घंटे कुल पांच घंटे की घोषित कटौती के अलावा भी छिटपुट कटौती का दौर थम नहीं रहा है। ऊपर से रात में इमरजेंसी कटौती ने शहरियों का सुकून छीन लिया है। रात में खाना खाने के बाद जब लोग सोने जाते हैं उसी समय लाइट काट ली जा रही है। जिससे लोग सो नहीं पा रहे हैं। बिजली की राह देखते भोर हो जा रही है। जेई टाउन एसबी प्रसाद का कहना है कि रात में पनकी से इमरजेंसी कटौती की जा रही है।

पंद्रह घंटे भी नहीं मिल पा रही बिजलीः बिजली अधिकारी बीस से बाइस घंटा आपूर्ति का दावा तो करते हैं । मगर, हकीकत यह है कि इस समय शहरियों को पंद्रह घंटे भी बिजली सही ढंग से नहीं मिल पा रही है।  सच्चाई यह है कि कटौती आठ घंटे हो रही है। आए दिन लोकल फाल्ट, तार टूटने और जंफर उड़ने से बिजली बाधित रहती है। रात में दो से ढाई घंटे की इमरजेंसी कटौती चालू है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि उनको किसी ने भी इस बारे में नहीं बताया है। वे इसकी जांच करवाते हैं।

चिलबिला पावर हाउस पर हंगामा
एक सप्ताह से विधायक के गांव समेत दर्जनों गांव की बिजली गुल होने से खफा ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात को चिलबिला पावर हाउस पर जमकर हंगामा किया। उन लोगों ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई को जमकर खरी-खोटी सुनाई। बताया जाता है कि विधायक ने भी एक्सईएन प्रथम को फोन कर उनकी क्लास ली। फजीहत होता देख अधिकारी और कर्मचारियों ने बिजली की समस्या को दूर कराया। दरअसल, एक सप्ताह से चिलबिला फीडर से जुड़े दर्जनों गांव की बिजली गुल है। शिकायत के बाद भी एक्सईएन और एसडीओ पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उनकी लापरवाही से गुस्साये ग्रामीणों ने रात में जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक्सईएन और एसडीओ मुख्यालय पर रात्रि निवास नहीं करते हैं। जिससे बिजली की समस्या सुनने वाला कोई मुख्यालय पर नहीं मिलता है

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