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गुरुवार, 10 नवंबर 2016

तीखी आवाज़

नई दिल्ली। टिकट बुकिंग में लंबी दूरी के लिहाज से वेस्टर्न रेलवे कमाई के नए आयाम पर पहुंच गया है। बुधवार को रोजाना के मुकाबले ऐसे टिकट पर 100 फीसदी बढ़त देखने को मिली। केंद्र सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी लगाए जाने के बाद यह देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के साथ यह भी बताया कि 72 घंटों तक पुराने नोट रेलवे स्टेशन और सरकारी अस्पताल जैसी जगहों पर लिए जाएंगे। इस फैसले के बाद टिकटों की बिक्री में खासा इजाफा देखने को मिला। मंगलवार को जहां रेलवे ने सुबह आठ बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कुल 85.99 लाख रुपये के टिकट बेचे थे, जबकि बुधवार को इसी समय में 1.79 करोड़ रुपय के टिकट बेचे गए।

108 फीसदी की बढ़त देखने को मिली
नोट बैन किए जाने के फैसले से टिकटों की बिक्री में 108 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच टिकट काउंटर पर यह आंकड़े वाकई हैरान करने वाले रहे। आम तौर पर 55 फीसदी टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक किए जाते हैं जबकि 45 फीसदी टिकट काउंटर से कैश देकर लिए जाते हैं।

...तो जा सकता है आपका पैसा
रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'यह कहना अभी मुश्किल है कि लोग 500 और 1000 के नोटों से मुक्ति पाने के लिए ही टिकट बुक करा रहे हैं। लेकिन अगर ऐसा है तो लोगों को टिकट बुक के लिए लाइन लगाने के बजाय बैंक में जाकर नोट बदल लेने चाहिए। क्योंकि सिर्फ नोट बदलने के लिए टिकट बुक करना और उसे कैंसिल करना उनको महंगा साबित हो सकता है और इसमें पैसे जाने का भी डर है।'

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 500 और 1000 के नोट बैन किए जाने की घोषणा और दी गई कुछ सहूलियतों खिलाफ जाते हुए वेस्टर्न रेलवे ने टिकट बुकिंग को लेकर नया फरमान जारी किया है। रेलवे ने तीनों तरह के एसी के वेटिंग टिकट की बुकिंग पर रोक लगा दी है।

वेस्टर्न रेलवे ने यह भी कहा है कि 50 हजार रुपये से ज्यादा के टिकट बुक कराने पर पैन कार्ड दिखाना जरूरी होगा। यह आदेश 11 नवंबर तक लागू रहेगा।

घोषणा होते ही काउंटर पर बढ़ गई भीड़
बताया जा रहा है कि वेस्टर्न रेलवे ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 500 और 1000 के नोट बैन करने की घोषणा किए जाने के बाद से ही टिकट काउंटर पर लोगों की भीड़ जमने लगी। खासकर ट्रेवेल एजेंट मोदी सरकार की ओर से रेलवे काउंटर पर पुराने नोट लिए जाने की छूट का फायदा उठाने की भरपूर कोशिश की।

बुक करा रहे हैं लंबी दूरी के टिकट
दरअसल, लोग कोशिश कर रहे थे कि वे 500 और 1000 के नोट से लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी के वेटिंग टिकट बुक करा लेंगे और बाद में उन्हें कैंसिल कराकर नए नोट हासिल कर लेंगे। लोग दिल्ली से हावड़ा और कन्याकुमारी तक के फर्स्ट क्लास के टिकट वेटिंग में बुक करा रहे हैं और बाद में कोटा के लिए अप्लाई करते हैं।

ऐसे चल रहा है खेल
मुबई में कुछ मामले ऐसे देखे गए जिसमें लोग दिल्ली से त्रिवेंद्रम राजधानी में फर्स्ट एसी के टिकट बुक कर रहे थे। ऐसे टिकट में 6 लोगों के जाने और वापस आने का कुल अमाउंट 81000 होगा। कुछ लोगों ने अलग-अलग गंतव्य के टिकट बुक किए। एक क्लर्क ने बताया कि लोग 500 से 1000 के नोटों का इस्तेमाल करके करीब 4-5 लाख रुपये तक के टिकट बुक कर रहे हैं।

टिकट कैंसिल कराकर वापस नए नोट हासिल करने की कोशिश
टिकट बुकिंग काउंटर पर एक शख्स ने बताया कि उसके रिश्तेदार ने रेलवे में मौजूद अपने कुछ पहचान के लोगों की मदद से 50000 रुपये से ज्यादा के वेटिंग टिकट लिए हैं। ये टिकट 500 और 1000 के नोट देकर बुक किए गए। बाद में ये टिकट कैंसिल करा कर उन्हें कुछ चार्जेज के अलावा बाकी का पैसा वापस मिल जाएगा।

टिकट बुकिंग में दलालों के खेल को समझते हुए वेस्टर्न रेलवे तुरंत वेटिंग टिकट पर रोक लगा दी। रेलवे ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि सरकार की ओर से दी गई सहूलियत के जरिए लोग कालेधन को सफेद करने में जुटे थे।

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