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मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

तीखी आवाज़

प्रतापगढ़

बदमाशों को छोड़ने पर बवाल, दारोगा को पीटा

सगरासुंदरपुर ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए छिनैती के आरोपी बदमाशों को सांगीपुर पुलिस द्वारा छोड़ देने पर जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। यही नहीं मौके पर पहुंचे एक दारोगा से लोग भिड़ गए व उसे पीट दिया। आरोपी के घर पर न मिलने पर बगल के दो घरों में आग लगा दी। बवाल पहाड़पुर तिराहे से लेकर आरोपी के गांव तक चार से पांच घंटे तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस रक्षात्मक रही।

पूरा मामला कुछ यूं है। नौ दिसंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे पहाड़पुर निवासी सर्राफ संदीप सोनी सगरासुंदरपुर से अपनी जेवरात की दुकान से पल्सर बाइक से अपने घर जा रहे थे। रास्ते में नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका और बाइक व पैसे छीनने का प्रयास करने लगे। इसी बीच उधर से गुजर रही एक महिला आ गई, जिससे संदीप सोनी को कुछ सहारा मिल गया। इसके बाद संदीप ने बदमाशों के नकाब को खींच लिया व उनको पहचान लिया। इसके बावजूद दुस्साहसी बदमाश संदीप की बाइक की चाबी व तिजोरी की चाबी को लेकर भाग गए।

संदीप ने पुलिस को तो सूचना नहीं दी, पर अपने घर व गांव वालों को पूरा मामला बताया। इस पर लोग बदमाशों पर नजर रखने लगे। इसी बीच 11 दिसंबर की शाम कथित बदमाश ग्रामीणों के चंगुल में आ गए। ग्रामीणों द्वारा उन्हें मारपीट कर सांगीपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

यहां तक तो मामला ठीक था। पुलिस ने बदमाशों पर कार्रवाई न कर उन्हें छोड़ दिया। इस बात की भनक लगने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। वह सोमवार की सुबह पहाड़पुर तिराहे पर एकत्रित होकर सड़क जाम कर दिए। इसके चलते सगरासुंदरपुर-किठावर मार्ग बाधित रहा। पहाड़पुर से घुइसरनाथ मार्ग भी बंद रहा। इसी बीच सांगीपुर के एसएसआइ संत कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो गुस्साए ग्रामीणों ने उनको घेरकर पीट दिया। ग्रामीण किसी की बात को मानने को तैयार न थे। इसी बीच वहां पहुंचे लालगंज कोतवाल की सरकारी जीप को ग्रामीण फूंकने का प्रयास करने लगे। जीप चालक रत्नेश कुमार के समझाने के बाद जीप फूंकने का इरादा ग्रामीणों ने बदल दिया, पर कुछ देर बाद पुन: ग्रामीण जीप पर धावा बोलने दौड़े तो चालक जीप लेकर भाग निकला। भीड़ के बीच फंसे कोतवाल वीपी तिवारी ग्रामीणों को समझाते-बुझाते रहे। इसी बीच कोतवाल की सूचना पर सीओ कुंडा सुधीर कुमार मय पुलिस बल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश करने लगे। इसके बावजूद लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण नहीं मान रहे थे। ग्रामीण सांगीपुर थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। संख्या कम होने से पुलिस बचाव की मुद्रा में ही दिखी। मौके पर लोगों के आक्रोश को भांपते हुए मौके पर जिले से भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर बुलाए गए। उधर, ग्रामीणों ने कथित आरोपी के गांव बाबूतारा में पहुंचकर धावा बोला। उनके न मिलने पर बगल के देवतादीन वर्मा के छप्परनुमा मकान में आग लगा दी। इससे गृहस्थी जलकर राख हो गई। बगल में राम नारायण वर्मा का छप्पर भी आग के हवाले कर दिया। इस दौरान ग्रामीण आगे-आगे व पुलिस पीछे-पीछे नजर आई। ग्रामीणों व पुलिस के बीच गोरिल्ला युद्ध होता दिखा। भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे दिन में करीब तीन बजे स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय व एसडीएम राजेंद्र प्रसाद तिवारी भी मौके पर जायजा लेने पहुंचे।

सांगीपुर पुलिस द्वारा बदमाशों को छोड़ने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। सीओ लालगंज व एसओ सांगीपुर से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा बवाल करने वाले भी चिन्हित किए जाएंगे।

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