प्रतापगढ़
पिता के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास
फावड़े से पिता की सोते समय की थी हत्या
जिला सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार यादव ने लाल बहादुर पुत्र रामदुलारे निवासी तेजगढ़ थाना लालगंज के हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वादी पारसनाथ निवासी कुसमी थाना नगर कोतवाली ने 10 फरवरी 2009 को दी गई तहरीर में बताया कि गेट नंबर 53 ए पर गेटमैन के पद कार्यरत था। जब वह ड्यूटी पर सुबह छह बजकर दस मिनट पर पहुंचा तो देखा कि रात की ड्यूटी पर तैनात गेटमैन रामदुलारे बेंच पर मृत्यु की अवस्था में पड़ा था। इसकी सूचना उसने अपने उच्चाधिकारी को दी। घटना के निरीक्षण के समय एक लड़का आया और उसने अपने को मृतक रामदुलारे का बेटा बताया। उसके जूते पर खून का निशान था। पूछताछ में लालबहादुर ने हत्या की बात कबूलते हुए बताया कि उसने अपने पिता की हत्या फावड़े से की। राज्य की ओर से डीजीसी मोहम्मद अनवारुल हसन खां ने किया।
प्रतापगढ़
युवक को जिंदा जलाने में तीन को उम्रकैद
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अजय सिंह ने हत्या के आरोप में मुकेश कुमार, संतराम वर्मा व राधेश्याम निवासी सरुआ थाना सांगीपुर को दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास का दंड मिलेगा।
वादी देवदत्त वर्मा निवासी सरुआ के अनुसार 11 मई 2008 की देर रात लगभग डेढ़ बजे उसका बेटा अनिरुद्ध (32) घर के सामने दरवाजे के पास सो रहा था। तभी मुकेश, संतराम व राधेश्याम आए और अनिरुद्ध पर पेट्रोल डालने लगे। संतराम ने माचिस की तीली जलाकर अनिरुद्ध के ऊपर फेंक दिया। आग का गोला बन उसका बेटा चिल्लाया तो गांव वालों ने किसी तरह आग बुझाई। वह 80 प्रतिशत जल चुका था। बेटे को बचाने के दौरान वह भी जल गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसके बेटे की मौत हो गई। राज्य की ओर से पैरवी डीजीसी मोहम्मद अनवारुल हसन खां व एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने किया।
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