Blog

मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ में आफिस में घुसकर तहसीलदार की पिटाई, मुकदमा

भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तहसील मुख्यालय पर सोमवार दोपहर उग्र्र हुए कुछ अधिवक्ताओं ने कक्ष में घुसकर तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की पिटाई कर दी। घटना से तहसील में अफरातफरी मच गई और तनाव फैल गया। मामले में चार वकीलों समेत 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अधिवक्ताओं की तरफ से भी तहसीलदार और उनके साथी के खिलाफ तहरीर दी गई है।

संयुक्त अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर तहसील स्थित पार्क में शनिवार से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को धरना स्थल से तहसीलदार ठाकुर प्रसाद के खिलाफ नारेबाजी की जाने लगी। इसी दौरान वकीलों का हुजूम तहसीलदार कोर्ट पहुंचा। उस समय तहसीलदार मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे। वकीलों ने उनसे बातचीत के लिए कहा। तहसीलदार ने मना कर दिया। वकीलों ने जब आरोप लगाया कि वह (तहसीलदार) पैसे लेकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं, तो तहसीलदार व वकीलों में तकरार होने लगी। तहसीलदार के साथ रहे व्यक्ति ने वीडियोग्राफी शुरू कर दी। कैमरा चलता देख वकील और भड़क गए।

तहसीलदार कोर्ट से उठकर अपने कक्ष में चले गए। वकील गाली-गलौज करते तहसीलदार के कक्ष में घुस गए और उनकी पिटाई शुरू कर दी। तहसीलदार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, अधिवक्ता विकास मिश्र, संदीप सिंह व आशिफ अली तथा 20-25 अज्ञात के खिलाफ गला दबाकर हत्या का प्रयास, सरकारी कामकाज में बाधा, न्यायिक कार्य को ठप करना, जातिसूचक शब्दों से गालियां देना समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

have any doutes. please let me