शिवपाल सिंह ने एक चर्चा मे बताया कि मेरा और नेताजी का अभिमत एक है। प्रदेश की कई सीटों पर हमने चुनाव से कई महीने पहले ही प्रत्याशी घोषित कर दिया था। जो जी जान से अपने क्षेत्रों मे तैयारी कर रहे थे, गठबंधन से उनका टिकट कट गया। अब आप बताइये जिसने अपनी सारी पूजी लगा दी हो, उसका टिकट काट दिया जाएगा, तो क्या वह आपका हितैषी रहेगा। इसलिए 105 सीटों का यह सीधे-सीधे नुकसान है। इसके कारण करीब 15 अपने लोगों को
, वाकई योग्य थे, उनका टिकट काट कर शीर्ष नेतृत्व ने ठीक नहीं किया। इस वजह से करीब 120 सीटें हमने लड़ने के पहले ही गंवा दी। बाकी सीटों पर हमें बड़ी बहादुरी से लड़ना है। यदि हम इसमें भी ढीले पड़ गए, तो निश्चित रूप से मेरा नुकसान हो सकता है।
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