जौनपुर। चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिसकर्मियों को गैर जनपद ड्यूटी पर भेजने का परिणाम यह है कि पाँच दिनों से दीवानी न्यायालय में कैदियों की पेशी नहीं हो पा रही है और न्यायिक व्यवस्था ठप पड़ गयी है।
ज्ञातव्य है कि जनपद न्यायालय में मुन्ना बजरंगी , ज्योतिषी हत्याकांड , अधिवक्ता रामसुचित यादव एवं जितेन्द्र यादव सहित कई महत्वपूर्ण मामलों का विचारण हो रहा है जिसमें जिला कारागार से बन्दियों को लाकर न्यायालय में उनकी पेशी होती है। हालांकि जिन मामलों में गवाही नहीं हो रही है उनमें आरोपियों की पेशी वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिए भी ली जा सकती है , किन्तु गवाही वाले मामलों में पेशी आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक ने जनपद न्यायाधीश से पाँच फरवरी से पन्द्रह फरवरी तक फोर्स की कमी की वजह से कैदियों की पेशी कर पाने में असमर्थता व्यक्त किया था। वृहस्पतिवार को ज्योतिषी हत्याकांड में शिव कुमार नामक गवाह गवाही देने हेतु न्यायालय में उपस्थित था किन्तु आरोपियों की अनुपस्थिति की वजह से उसकी गवाही नहीं हो सकी। इसी प्रकार कई गवाह आरोपियों की अनुपस्थिति के कारण मायूस होकर लौट जा रहे हैं।
इस बावत पूछने पर पुलिस लाइन के आर आई कृपाशंकर कन्नौजिया ने बताया कि जौनपुर जनपद से इन्सपेक्टर , सब इन्सपेक्टर व सिपाही मिलाकर कुल १३२२ पुलिसकर्मियों की जनपद से बाहर चुनाव ड्यूटी हेतु ७ फरवरी को रवानगी की गयी है और पाँचवें चरण के चुनाव के पश्चात उनकी वापसी होगी।
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