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शनिवार, 8 अप्रैल 2017

सफाई कर्मी घर बैठकर सरकारी कोष से हर माह लाखों रुपये तनख्वाह ले रहे

बरसठी ।बसपा सरकार की मुखिया मायावती ने गावों को साफ सुथरा रखने के उद्देश्य से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पूरे प्रदेश मे की थी।मंशा साफ थी,लाखों को रोजगार भी मिला, पूर्ववर्ती सरकार ने सफाई कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा भी दू दिया। लेकिन अफसोस इस बात का है कि बरसठी विकास खंड मे तैनात सभी सफाई कर्मी घर बैठकर सरकारी कोष से हर माह लाखों रुपये तनख्वाह ले रहे हैं।
बरसठी विकास खंड के प्रत्येक गावं मे सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारी तैनात हैं लेकिन कोई भी सफाई कर्मी किसी भी गांव मे सफाई हेतु नहीं जाता है।हर वर्ष सफाई के लिए सामान,फावड़ा,झाड़ू, बाल्टी, तौलिया खरिदने के नाम पर कई लख रुपया बरसठी ब्लाक मे आता है ।सामान के नाम पर इतना व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करके घटिया सामान सम्बन्धित अधिकारी द्वारा क्रय किया जाता है ।क्रय किया सामान गांव तक पहुंचता ही नहीं और यदि पहुंच भी गया तो प्रधानो की निजी सम्पत्ति हो जाती हे। सफाई कर्मी के प्रतिदिन की हजरी प्रमाणित करने का अलग अलग रेट निर्धारित है। जैसे प्रधान डेढ़ हजार रुपया, सेक्रेटरी पांच सौ ,एडीओ पंचायत प्रति सफाई कर्मी  तय है। कोई भी सफाई कर्मचारियों को एडीओ पंचायत के कार्यालय मे दस से चार के बीच देख सकता है। हद तो तब हो जाती है,जब कागज पर तैनात सफाई कर्मी अपने पति के साथ सालों से रह रही है लेकिन वेतन बराबर हर माह उसके खाते साहबों की कृपा से पहुंच जा रहा है। ऐसे मे प्रश्न यह यह है कि नयी सरकार मे भी बरसठी के सफाई कर्मी घर बैठे ही वेतन लेते रहेंगे या उन्हें गांव के विद्मालय, मंदिर ,मस्जिद, चकरोड या सार्वजनिक स्थानों पर सफाई करते गांव की जधता कभी देख पायेगी।

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