सभी जानते हैं, प्रशासन हो या पुलिस। जौनपुर का सिंगरामऊं हो, बदलापुर हो या फिर जिले की सीमा का इलाका । अब मिट्टी का खनन खुलेआम दिखने लगा है। सिंगरामऊं थाना क्षेत्र के कछौरा गॉव में कई बीघे खेती पर आजकल मिट्टी का अवैध खनन निर्वाध गति से किया जा रहा है। वह भी जोरदार तरीके से। आसपास के इलाके भी इससे अछूते नहीं हैं।यूं तो क्षेत्र में हो रहा अवैध मिट्टी खनन किसी से भी छिपा नहीं है।
कछौरा के विभिन्न मजरों में मौजूद गांवों की खेती तो तबाह हो ही रही है, अब इतने बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं कि कोई भी इसमें फंसकर हादसे का शिकार हो सकता है। जिले की सीमा पर गोमती नदी के कछार में बसा यह गांव मिट्टी और रेत के खनन के लिए 'कुख्यात' है। खनन की गई मिट्टी की ढुलाई के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों का इस्तेमाल किया जाता है। सैकड़ों बीघे खेत तालाब व नहर के रूप में परिवर्तित हो चुके हैं। कई दिनों से बदलापुर के शाहपुर गॉव निवासी केदार नाथ यादव की जेसीबी दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ कछौरा गॉव के हीरालाल हरिजन के खेत में अवैध खनन में लगी हुई है।ज्यादातर खनन रात में किया जाता है। इसके लिए रात में जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल होता है।क्षेत्र में मिट्टी के अवैध खनन पर अंकुश नही लग पा रहा है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते खनन कार्य जोरों पर चल रहा है, हर रोज दर्जनों ट्रैक्टर मिट्टी लादकर ग्रामीण चकरोडो की धज्जियां उड़ा रहे है। जानबूझकर भी अधिकारी अंजान बने हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खनन से सीमावर्ती किसानों के खेत की मिट्टी बरसात होने पर कटकर खेती करने लायक नहीं रह जायेगी तथा रिहायसी इलाके में खनन से लोगों के भवनों को भी खतरा बढ़ रहा है, तथा पर्यावरण भी प्रभावित होगा। इसके लिए प्रशासन की आंख नहीं खुली तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर हो जायेंगे।
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