लखनऊ यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में हो रही देरी और बढ़ती लागत पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं में हुए लेटलतीफी, उपयोगिता व लागत की उच्च स्तरीय समीक्षा कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में हुई धांधली पैसे की बर्बादी का सबसे बड़ा नमूना है। योगी ने मुख्य सचिव, सिंचाई, वित्त एवं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिवों को इन परियोजनाओं की समीक्षा कर, इन्हें पूरा करने के लिए कार्य योजना और रणनीति तैयार करने को कहा है। योगी ने गुरुवार को यह निर्देश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान दिए।
उन्होंने कहा कि अब शिथिलता और हीला-हवाली से काम नहीं चलेगा। भ्रष्टाचार को हर हाल में बंद करना है। किसी भी कीमत पर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने अभियन्ताओं व उच्च अधिकारियों को गुणवत्ता की जांच व समयबद्धता के लिए औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोमती रिवरफ्रण्ट डेवलेपमेण्ट परियोजना में गोमती के चैनेलाइजेशन के क
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