प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेनानी-नाशरी सुरंग को जम्मू-कश्मीर की भाग्यरेखा बताते हुए यहां के युवकों को पत्थर मानने और आतंक का रास्ता छोड़कर राज्य के विकास में भागीदार बनने का आज आह्वान किया।
श्री मोदी ने जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर देश की सबसे लंबी सुरंग चेनानी-नाशरी का लोकार्पण करने के बाद यहां विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सुरंग देश की सबसे लंबी सुरंग ही नहीं है बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के विकास की लंबी छलांग है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए यहां के युवकों को आगे आना पड़ेगा और पत्थरबाजी करने के बजाय उन युवकों का साथ देना होगा जिन्होंने राज्य के विकास के लिए इस सुरंग को बनाने में पत्थर तराशे हैं। यह सुरंग कश्मीर घाटी के टूरिज्म का एक नया इतिहास रचने के लिए तैयार है ।
उन्होंने कहा कि ये केवल एक लंबी सुरंग नहीं है। यह जम्मू कश्मीर के लिए विकास की एक लंबी छलांग है । दुनिया के जितने भी लोग हैं उनके लिए इस सुरंग का निर्माण एक बहुत बड़ी खबर है। हिंदूस्तान के किसी और भी क्षेत्र में सुरंग बनी होती तो शायद पर्यावरणविदों का ध्यान इसपर नहीं जाता । यहां इस सुरंग का निर्माण कर हमने हिमालय को बचाने का काम किया है. हमने हिमालय की रक्षा कर दुनिया को संदेश दिया है ।
मोदी ने कहा कि इस सुरंग के माध्यम से यहां के टूरिज्म को नयी दिशा मिलेगी । उन्होंने नौजवानों का आह्वान करते हुए कहा कि एक तरफ टूरिज्म है और दूसरी तरफ टेरेरिज्म है ।यहां के नौजवान टूरिज्म को अपनाएं. उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक एक बार कश्मीर घूमने की इच्छा रखता है ।
मोदी ने कहा कि यह सुरंग हजारो करोड़ रुपे की लागत से बनी है । भले ही इस सुरंग के निर्माण में भारत सर
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