जौनपुर यूपी के राज्यमंत्री नगर विकास गिरीश चंद्र यादव एवं सांसद डा. केपी सिंह ने सोमवार को जिला अस्पताल, विकास भवन और सदर तहसील का बारी-बारी से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों ने राज्यमंत्री व सांसद को बताया कि चिकित्सक बाहर की दवाइयां लिखते है जिससे हम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विकास भवन में निरीक्षण में कई कर्मचारी नदारत मिले और संबंधित अधिकारी को अनुपस्थित कर्मचारी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया। इसके बाद सदर तहसील में अधिकतर लेखपाल गायब थे जिससे नाराज जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। सोमवार की सुबह लगभग नौ बजे जब राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव और सांसद डा. केपी सिंह का काफिला जैसे ही अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में पहुंचा तो इस दौरान अफरा-तफरी मच गयी। जनप्रतिनिधियों ने एक-एक कर सभी मरीजों से अस्पताल का हाल पूछा। मरीजों ने बताया कि यहां पर चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवाइयां लिखी जाती है जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधि जिला महिला अस्पताल पहुंचे और वहां पर निरीक्षण किया गया। राज्यमंत्री व सांसद ने पहले दोनों अस्पतालों के सीएमएस को बुलाया लेकिन जब वह मौके पर नहीं पहुंच सके तो चिकित्सकों को प्रारम्भिक रुप से यह निर्देश दिया गया कि मरीजों के साथ सौतेला व्यवहार न करें और बाहर की दवाएं लिखना बंद कर दें। औषधि गृह का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
इसके बाद काफिला विकास भवन की ओर रुख किया। यहां पहुंचते ही दोनों जनप्रतिनिधियों विकास भवन के मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया इसके बाद अपने रक्षकों को यह कहते हुए वहां खड़ा कर दिया कि कोई भी व्यक्ति बाहर से अंदर न आने पाये और कोई अंदर से बाहर न जाने पाये। इसके बाद दोनों ने एक-एक विभाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारी को यह निर्देश दिया कि अनुपस्थित कर्मचारी का एक दिन का वेतन काट दें और जो बिना बताये गायब हो गये है कि उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाय। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधियों का काफिला सदर तहसील में पहुंचा। निरीक्षण के दौरान कई लेखपाल और राजस्वकर्मी गायब मिले। इस पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी का सख्त हिदायत देते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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