छिपकली की लाश के सम्पादक व प्रसिध्द व्यंगकार कृष्णकांत श्रीवास्तव एकलब्य का आज इलाज के दरम्यान बीएचयू में निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही साहित्य जगत समेत अन्य समाजसेवी संठनो में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। एकलब्य जी अपनी रचानाओ के माध्यम अपने जिले का नाम देश स्तर पहुंचाने का काम किया है। वे एक दर्जन से अधिक किताबो लिख चुके है।
वे मूल रूप से जिले सिकरारा थाना क्षेत्र के कसनही गांव के निवासी थे। पिछले कई वर्षो से रूहट्टा मोहल्ले में अपना मकान बनाकर पूरे परिवार के साथ रहते थे।
वे अपने पीछे अपना भरापूरा परिवार छोड़कर गये। उनके बड़े पुत्र समाजसेवी बाबा धर्म पुत्र अशोक है। दूसरे नम्बर के पुत्र विनय श्रीवास्तव नगर पालिका परिषद में कर्मचारी है और तीसरे के पुत्र सरोज श्रीवास्तव बीआरपी इण्टर कालेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रहे है मौजूदा समय में वे अपना दल से जुड़कर सक्रिय राजनीत कर रहे है।
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