जौनपुर - सड़क दुर्घटना या अन्य दुर्घटना के मामलों में फर्जी तरीके से एक्सीडेंट क्लेम का मुआवजा लेने वालों के लिए बुरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के निर्देश पर जिला जज ने न्यायिक अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित किया है जो दीवानी न्यायालय में ऐसे मुकदमों की सूची बनाकर जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सड़क दुर्घटना के मामलों में फर्जीवाड़ा पर स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है ।
विदित हो कि अज्ञात वाहन से दुर्घटना के तमाम मामलों जहां गाड़ी भाग जाती है तो पुलिस विभाग व किसी गाड़ी मालिक जिसका वाहन बीमित हो, की मिलीभगत से अज्ञात के स्थान पर बीमित वाहन लगाकर कोर्ट में चार्जशीट भी भेज दी जाती है। कोर्ट में गवाहों का बयान कराकर दुर्घटना साबित हो जाती है और मृतक के परिजनों व अन्य हितबद्धों को कई लाख का मुनाफा हो जाता है और चूना लगता है बीमा कंपनी को ।इसके अलावा तमाम अन्य मामले हैं जिसमें सड़क दुर्घटना होती ही नहीं बल्कि किसी अन्य प्रकार से आदमी की मौत होती है लेकिन मुआवजा पाने के लिए लोग मिलीभगत करके कोई वाहन लगा कर उसे दुर्घटना दिखा देते हैं ।अन्य प्रकार के मामले भी प्रकाश में आए हैं ।अभी हाल ही में इसी प्रकार के एक मामले में बीमा कंपनी की दरखास्त पर डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक को जांच का आदेश दिया है ।
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