जौनपुर। वरिष्ठ पत्रकार व लेखक विद्या प्रकाश श्रीवास्तव का जिला अस्पताल में शुक्रवार को निधन हो गया। वे 60 वर्ष के थे। निधन की जानकारी मिलते ही पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गयी। मूल रूप से मछली शहर के जमुहर गांव निवासी श्रीवास्तव सिपाह में आवास बनाकर तीन दशक से अधिक समय से रहते थे। हिन्दी और संस्कृत से परास्नातक तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद पत्रकारिता का दामन पकड़ा और जीवन पर्यन्त इसी से जुड़े रहे। दर्जनों पत्र , पत्रिकाओं में अपनी अपनी विशिष्ट लेखनी से उन्होने अपना एक अलग पहचान बनायी। शान्त स्वभाव तथा आधुनिक पत्रकारिता के चोचले से दूर रहने वाले विद्या प्रकाश ने दैनिक जागरण, आज, तरूण मित्र, दैनिक मान्यवर, जौनपुर समाचार, डेली न्यूज एक्टविस्ट आदि दैनिक अखबारों के साथ ही नन्दन, चम्पक सहित अनेक राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिकाओं में अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के अनछूये पहलुओं पर प्रहार किया। सिपाह स्थित अपने आवास से पैदल ही अखबारों के कार्यालय में समय से पहले पहुंचकर कलम का जादू दिखाने में माहिर और बहुत कम बोलने वाले पत्रकार विद्या प्रकाश चमक दमक से दूर अपने काम से वास्ता रखते थे। उनकी पत्नी दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता तथा एकमात्र पुत्र फिजियोथेरेपी की डिग्री लेने के बाद चार वर्षो से निजी प्रक्टिस करते है। आज के चकाचैध के युग में उन जैसा पत्रकार होना असंभव है। पत्रकारों ने उन्हे अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
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