आज तेज गर्मी के बीच जब अचानक हवा का झोका लोगो को छू के गुजरा तो बड़ा ही सुकून महसूस हुआ लेकिन धीरे-धीरे हवा की झकोरे तेज होती गयी और देखते ही देखते भयानक आंधी का रूप ले लिया | हवा इतनी तेज हो गयी की मात्र 10 मिनट के अन्दर ही सारा माहौल बदल गया ।
जी हाँ हम बात कर रहे हैं आज दोपहर के बाद करीब 2.30 बजे के लगभग लम्भुआ विधान सभा क्षेत्र की, पहले तो हल्की हवा चली फिर बारिश की फुहारों के साथ हवा आधी का रूप ले लिया । भीषण आंधी से NH56 पर कई जगह पेड़ गिरने से लखनऊ - वाराणसी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया , जिसके कारण गाडियों की लम्बी कतार लग गयी । हलाकि बड़ी गाडियों में ड्राइवरों की सूझ-बूझ की वजह से कोई नुकसान नही हुआ | आंधी के बंद होते ही कोतवाली लम्भुआ की पुलिस आकर रास्ते में पड़े पेड़ को JCB मशीन की मदद से हटवा कर मार्ग खाली कराया | जब तक लेकिन मजे की बात यह है कि जब तक पुलिस नही आई थी तब तक आस-पास के ग्रामीण पेड़ो को कुल्हाड़ी से काट कर मार्ग को खोलने की कोशिश कर रहे थे | काफी मशक्कत के बाद करीब 2.50 किमी से ज्यादा लम्बा जाम खुल पाया ।
लेकिन कसबे के नजदीक करीब 1 किमी पश्चिम सुल्तानपुर रोड पर पेट्रोल टंकी के सामने एक ढाबा है जिस पर सीमेंट की चादरे रखी थी जो तेज आंधी की वजह से उड़ने लगी चूंकि बारिश भी थी इसलिए पानी से बचने के लिए कुछ राहगीर भी ढाबे के सामने बाइक खड़ी कर अंदर बैठ गए थे जब चादरे उड़ने लगी । उसमे कुछ लोग भाग कर अपनी सुरक्षा किये लेकिन कुछ लोग भागने में कामयाब नही हुए जो सीमेंट की चादरों की चपेट में आने से चोटिल हो गये । ढाबे की दीवारे भी काफी कमजोर थी जो आधी की झकोर से गिर गयी जिससे बाहर खड़ी मोटर सायकिल दब गयी । और वाहन मालिक को काफी नुकसान हुआ । जब आंधी शांत हुयी तो लम्भुआ कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले को संज्ञान में लिया ।
हलकी बारिश होने के तुरंत बाद बादल छट गए जिससे उमस काफी बढ़ गयी है और लोगों को गर्मी में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । वही तेज तूफान की वजह से कई जगह पेड़ बिजली के तारो पर गिर विद्युत् आपूर्ति को रोक दिए है जिसके कारण बिजली भी नही मिल सकती ये एक और बड़ा परेशानी का सबब बन गया है ।
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