पत्रकार :- पवन उपाध्याय
बदलापुर जौनपुर! जीवन में गुरु का आगमन होता है तो अपूर्णता समाप्त हो जाती है। जरूरी नहीं कि जिससे दीक्षा प्राप्त की हो, वही गुरु हो। बल्कि जिससे हम थोड़ा भी कुछ सीखते हैं, वह हर व्यक्ति चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग, हमारा गुरु है उक्त बाते रविवार को आयोजित गुरु पूर्णिम के अवसर पर भलुआही गांव निवासी शिक्षक नेता केशव सिंह ने अपने आवास पर बोले।
और उन्होनें कहा कि गुरु पूर्णिमा क गुरु का स्थान तो परमात्मा से भी बड़ा बताया गया है, क्योंकि वही तो सदमार्ग दिखाते हैं।
ज्ञान का भंडार और सही दिशा दिखाने वाले गुरु की विशेष पूजा-अर्चना का दिन है गुरु पूर्णिमा। 'गु' का अर्थ अंधकार, अज्ञान से है और 'रु' का अर्थ है अंधकार को दूर करने वाला। इसलिए ब्रह्मांड में गुरु की महिमा निराली है। कहते हैं कि बिना गुरु ज्ञान नहीं मिलता। गुरु को ब्रह्मा, विष्णु, महेश कहा गया है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इस अवसर पर तेगा सिंह, भाजपा नेता वैभव सिंह, श्यामसुन्दर जायसवाल, हिन्दु युवा वाहिनी प्रभारी पंकज सिंह,सुनील तिवारी, सतीश निगम, आदि लोग उपास्थित रहे। संचालन उपेंद्र सिंह "आशू" ने किया
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