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गुरुवार, 31 अगस्त 2017

किसान जंगली जानवरों के आतंक से परेशान होकर खेती से मुंह मोड़ रहे

अरविन्द कुमार उपाध्याय
                         सम्पादक

जौनपुर
नीलगाय , गाय के बछड़ो , सुअर और जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले भारी नुकसान से परेशान किसानों ने कुछ स्थानों पर सब्जियों तथा बागवानी फसलों की खेती से मुंह मोडना शुरू कर दिया है ।

किसान जंगली जानवरों के आतंक से परेशान होकर खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। खासतौर से यदि गाय के बछड़ो की बात की जाए तो बछड़ो ने किसानों का जीना मुश्किल कर रखा है। आज का किसान बछड़ो की वजह से फसलों से मुंह मोड़ता जा रहा है। पुरे उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में यह उत्पाती बछड़ो किसानों के खेतों में लगी फसलों पर धाबा बोल देते हैं, जिस कारण किसान खासे परेशान हैं। कृषक दिन-प्रतिदिन मक्का, धान, बेमौसमी सब्जियां तथा बागबानी आदि से जंगली जानवरों के आतंक के कारण तौबा करने लगे हैं। यही नहीं जिला जौनपुर के सिंगरामऊ इलाकों के किसान व बागबान भी जंगली जानवरों व बछड़ो से खासे परेशान हैं। जिला जौनपुर के सिंगरामऊ इलाकों के किसानों व बागबानों का कहना है कि उनके यहां मक्का, अरहर और धान की फसल इस वर्ष अच्छी थी और साथ ही फल उत्पादन भी हो जाता लेकिन जिला के  गांव जंगली जानवरों और बछड़े से खासे परेशान हैं। इस गांव के निवासी लोग ने बताया कि जंगली जानवरों व बछड़ो ने उनकी मक्का और धान  की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इन ग्रामीणों का कहना है कि दिन में बछड़े, रात को जंगली सूअर,और नीलगाय आदि जंगली जानवर उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के एक अध्ययन के अनुसार नीलगाय , सुअर और जंगली जानवरों के कारण लगभग 30 प्रतिशत फसलों का नुकसान होता है ।

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