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मंगलवार, 14 नवंबर 2017

निकाय चुनाव: मतदाताओं की चुप्पी ने बढ़ाई बेचैनी मतदाताओं की नब्ज टटोलने में प्रत्याशी

पत्रकार:- पवन कुमार उपाध्याय

निकाय चुनाव: मतदाताओं की चुप्पी ने बढ़ाई बेचैनी
मतदाताओं की नब्ज टटोलने में प्रत्याशियों के छूट रहे है पसीना
बदलापुर जौनपुर!  नगर पंचायत चुनाव में खड़े प्रत्याशी इन दिनों ठंड से ज्यादा मतदाताओं की चुप्पी से परेशान हैं। इस चुनाव में मतदाता किसी को भी निराश नहीं कर रहे हैं। जो भी उम्मीदवार उनके दरवाजे पर जा रहे हैं वे सबों को वोट का आश्वासन देकर वापस लौटा दे रहे हैं। हां भले ही वे साथ घुमने से परहेज कर रहे हैं। शाम में तो मतदाताओं से मुलाकात होने की संभावना कम ही रहती है। वे लोग दोपहर को ही इसके लिए उपयुक्त समय मानते हैं। सबसे पहले उन घरों में जाते हैं जहां से उन्हें सहयोग की ज्यादा उम्मीद रहती है उन्हें ठंडा पानी या शर्बत परोस दिया जाता है। गपशप आरंभ हो जाता है। प्रत्याशी कहते हैं कि वे तो चुनाव में खड़े ही नहीं हो रहे थे। सबों का जोर था कि आपही इसके लिए सबसे बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं।
वार्ड के लोगों की बात मानकर ही वे चुनाव मैदान में उतरे हैं। लगता है कि वे बेचारे बिलकुल सेवा भाव से ही यह चुनाव लड़ रहे हैं। मतदाताओं को समझाने बुझाने के बाद जब वे भांप लेते हैं कि वे उन्हें मदद कर सकते हैं तो साथ चलने को कहते हैं। इसके लिए वे काफी आरजू मिन्नत भी करते हैं। लेकिन मतदाताओं के सामने काफी धर्म संकट की तिथि कायम है। उनके घर तो पहले दूसरे प्रत्याशी भी आ चुके हैं। जो आव भगत उन्होंने इन्हें किया वे उन्हें भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं इनके ही तरह उन्हें भी मदद का भरोसा दे चुके हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें इस प्रत्याशी के साथ जाना उचित नहीं लगता। वे कई तरह के बहाना बनाते हैं। कहते हैं कि साथ आने जाने से आपको लाभ से ज्यादा नुकसान होगा। हमलोग तो आपके साथ हैं ही। जिन्हें साथ नहीं देने की आशंका हो उनके पास जाएं। साथ में ज्यादा लोगों को ले जाने से वह ठीक नहीं होगा। जिस तरह आप घूम रहे हैं उसी तरह घूमते रहें। हालांकि प्रत्याशी भी उनके बहाने को समझते हैं लेकिन उनके सामने तो वोट की मजबूरी है। वे भारी मन से यह कहते हुए आगे बढ़ते हैं कि चलिए आप तो ठीक हैं न। आप पर तो हमें पूरा भरोसा है। मतदाता भी सिर हिलाकर हामी भरते हुए उन्हें विदा कर देते हैं।

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