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शुक्रवार, 5 जनवरी 2018

नही जले अलाव, ठिठुर रही गरीब जनता सिंगरामऊं – इस जानलेवा ठण्ड में लोगो का जीना हुआ दुशवार हो गया है। क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई गई। जिससे गरीब व राहगीर इस कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे है। सुबह और रात की कड़ाके की गलन भरी ठंड से अपनी अपनी जान बचाने के लिए कोई न कोई उपाय करके फटे पुराने कपडे अथवा कूढा करकट ताप के जान बचा रहे हैं। समर्थ लोग तो खरीदकर लकड़ी आदि जला लेते हैं, लेकिन सबसे अधिक दिक्कत तो गरीबों की है। जिनके पास न पहनने को गर्म कपड़े हैं, न ओढ़ने के लिये कंबल आदि और न ही रहने को छत है। ऐसे में कड़ाके की ठंड में रात बिताना उनके लिए दूभर हो गया है। प्रशासन के द्वारा अभी तक न ही अलाव जलवाया गया हैं ना ही ग्रामीण क्षेत्रों के ईलाको मे कम्बल बितरण कराया गया है । जबकि पिछले वर्ष क्षेत्र के पूरारजवार, डड़ांरी, मेढ़ा, इनामीपुर, रतासी, बहरीपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जमऊपट्टी सहित अन्य सार्वजनिक स्थलो पर समय से अलाव की व्यवस्था कर दी गयी थी। इस वर्ष लोग प्रशासन की ढुलमुल व्यवस्था से काफी नाराज दिखायी दे रहे हैं। वातावरण घने कोहरे की चादर ओढ़े हुए है। इस बार इतने कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद भी प्रशासन आंख बंद किए है जिसके कारण अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिस वजह से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सूत्रों की माने तो कुछ जगहों पर पुराने टायर आदि जलाकर फोटोग्राफी क़र प्रशासन को अवगत करा दिया गया कि अलाव जल रहा है परंतु हकीकत कुछ और है जो कि ग्रामीणो के बीच पहुंचने पर पता चलता है। क्षेत्रवासियो ने जिलाधिकारी महोदय जौनपुर से अलाव जलवाने की मांग अथवा समय से गाँव में प्रशासन द्वारा मिलने वाला कम्बल वितरण कराए जाने की अपील की है ताकि इस गलन भरी ठंड से राहगीरों और यात्रियों तथा गरीबो को निजात मिले और ग्रामीणों को सरकारी मदद समय रहते मिल सके|

जौनपुर सिंगरामऊं – इस जानलेवा ठण्ड में लोगो का जीना हुआ दुशवार हो गया है। क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई गई। जिससे गरीब व राहगीर इस कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे है। सुबह और रात की कड़ाके की गलन भरी ठंड से अपनी अपनी जान बचाने के लिए कोई न कोई उपाय करके फटे पुराने कपडे अथवा कूढा करकट ताप के जान बचा रहे हैं। समर्थ लोग तो खरीदकर लकड़ी आदि जला लेते हैं, लेकिन सबसे अधिक दिक्कत तो गरीबों की है। जिनके पास न पहनने को गर्म कपड़े हैं, न ओढ़ने के लिये कंबल आदि और न ही रहने को छत है।
ऐसे में कड़ाके की ठंड में रात बिताना उनके लिए दूभर हो गया है। प्रशासन के द्वारा अभी तक न ही अलाव जलवाया गया हैं ना ही ग्रामीण क्षेत्रों के ईलाको मे कम्बल बितरण कराया गया है । जबकि पिछले वर्ष क्षेत्र के पूरारजवार, डड़ांरी, मेढ़ा, इनामीपुर, रतासी, बहरीपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जमऊपट्टी सहित अन्य सार्वजनिक स्थलो पर समय से अलाव की व्यवस्था कर दी गयी थी। इस वर्ष लोग प्रशासन की ढुलमुल व्यवस्था से काफी नाराज दिखायी दे रहे हैं।  वातावरण घने कोहरे की चादर ओढ़े हुए है। इस बार इतने कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद भी प्रशासन आंख बंद किए है जिसके कारण अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिस वजह से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सूत्रों की माने तो कुछ जगहों पर पुराने टायर आदि जलाकर फोटोग्राफी क़र प्रशासन को अवगत करा दिया गया कि अलाव जल रहा है परंतु हकीकत कुछ और है जो कि ग्रामीणो के बीच पहुंचने पर पता चलता है। क्षेत्रवासियो ने जिलाधिकारी महोदय जौनपुर से अलाव जलवाने की मांग अथवा समय से गाँव में प्रशासन द्वारा मिलने वाला कम्बल वितरण कराए जाने की अपील की है ताकि इस गलन भरी ठंड से राहगीरों और यात्रियों तथा गरीबो को निजात मिले और ग्रामीणों को सरकारी मदद समय रहते मिल सके|

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