अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करने जैसे उठाये गये अप्रत्याशित कदम से बचा जा सकता था और अब न्यायाधीशों को पूरे सद्भाव के साथ काम करना होगा। इन न्यायाधीशों की प्रेस कांफ्रेंस के बाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा से मुलाकात करने वाले वेणुगोपाल ने बातचीत में उम्मीद व्यक्त की कि प्रधान न्यायाधीश सहित सारे न्यायाधीश अब इस अवसर को देखते हुये ‘मतभेद पैदा करने वाले कारकों’ को ‘‘पूरी तरह समाप्त’’ करेंगे।
अटार्नी जनरल ने कहा कि जो कुछ भी हुआ उसे टाला जा सकता था। न्यायाधीशों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि मतभेदों को पूरी तरह समाप्त किया जाये और भविष्य में पूरा सद्भाव और परस्पर समझ बने। उन्होंने कहा कि बार में हम सभी यही चाहते हैं और मैं आश्वस्त हूं कि प्रधान न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीश मौके की नजाकत समझेंगे। लेकिन उन्होंने प्रधान न्यायाधीश और अन्य के साथ हुये विचार विमर्श का विवरण देने से इंकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि इन चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के अलावा अन्य न्यायाधीशों ने भी अवकाश के दौरान बैठक की और इस अप्रत्याशित घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त् की। प्रधान न्यायाधीश और उनके कार्यालय से संपर्क करके इस घटनाक्रम पर उनकी टिप्पणी प्राप्त करने के सारे प्रयास विफल रहे।
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