प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी कल्पना के न्यू इंडिया (नये भारत) के निर्माण के लिए उत्सुकता जनित नवाचार (इनोवेशन) को जरूरी बताते हुए कहा कि युवाओं के सृजनात्मक विचारों का खो जाना सरकार, समाज और व्यवस्था की कमी है। उन्होंने इजरायल के सहयोग से अहमदाबाद के देव धोलेरा गांव में स्थापित नवाचार तथा युवा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने वाले उत्कृष्टता केंद्र आइक्रियेट के नये परिसर के लोकार्पण के अवसर पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में कहा कि उत्सुकता से विचार पैदा होते है और उनकी ताकत से नवाचार होता है और इसकी ताकत न्यू इंडिया के लिए जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति या नौजवान के मन में नया करने की इच्छा होती है। विचार आते हैं जो आपकी संपत्ति है लेकिन उन विचारों का खो जाना किसी धरातल पर नहीं उतरना सरकार समाज और व्यवस्था की कमी है। वह इसी व्यवस्था को बदल रहे हैं। नौजवानों के विचार यूं ही खत्म न हो जायें इसे देखना हम सभी का दायित्व है। महान वैज्ञानिक आंइस्टीन ने कल्पना को ज्ञान से जरूरी बताया था और यही नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उत्सुकता के पोषण की जिम्मेदारी सबकी है। नौजवान अपने सपने सच कर सकें और अपनी शक्ति का परिचय पूरे विश्व को दे सकें इसके लिए मददगार संस्थायें खडी करना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ आइक्रियेट का जन्म हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि यह संस्था भी गुजरात में वर्षों पहले देश के पहले फॉमेर्सी कॉलेज की स्थापना के जरिये राज्य को औषधि निर्माण में दुनिया की ताकत बनाने की तर्ज पर इसे विश्व में नवाचार में एक पहचान देगी। प्रधानमंत्री ने सफलता की पहली शर्त साहस को बताते हुए कहा कि इसके बिना कोई भी निर्णय नहीं हो सकत��
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