दया संकर
ब्यूरो चीफ मुम्बई
तेज रफ्तार ने अब तक कितनो की जिंदगियां लील लिए है इसके बाबजूद लोग बाग अपनी जिंदगी को मौत के मुह में धेकेलने में कोई गुरेज नही करते अनजाने में वह जिंदगी की बागडोर मौत को हाथों थमा देते है जिसका हस्र काफी भयावाह होता है जिसमे या तो ताउम्र अपाहिज हो जाते है या मौत के आगोश में चले जाते है
यह जीता जागता उदाहरण है जिश्मे दो लोग भीषण रूप से घायल हो गए जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जो अब जिंदगी औऱ मौत के बीच झूल रहे हैं ये हादसा पनवेल के करीब मुम्बई पुणे एक्सप्रेस वे पर 4 बजे के करीब घटी हम अपने दर्शकों को सिर्फ इतना कहना चाहेँगे ज़िंदगी अनमोल है वाहन चलाते वक़्त जोश में होश को ना खोये
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