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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

प्रधानमंत्री मोदी ने किया नजरअंदाज

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका एक ऐसा देश है जो लगातार भारत के मामलों में दखल दे रहा है और काफी बार धमकी भी दे चुका है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सभी धमकियों को नजरअंदाज कर दिया है. तो आइए हम आपको बताते हैं किन बातों की वजह से भारत अमेरिका से नाराज नजर आ रहा है ।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है और दुनिया में ऐसे बहुत सारे देश है जो भारत की इस तरह की को सहन नहीं कर पा रहे हैं. जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं उसके बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में नजदीकी आई है लेकिन पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं हुई है जिनसे दोनों देशों के बीच कुछ दूरियां बढ़ गई है. आज हम आपको एक ऐसे शक्तिशाली देश के बारे में बताने जा रहे हैं जो लगातार भारत को धमकी दे रहा है।


हाल ही में भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल समझौता किया है जिसके तहत भारत रूस से अति शक्तिशाली मिसाइल खरीदेगा. रूस और अमेरिका पुराने समय से ही एक दूसरे के प्रतिद्वंदी रहे हैं और जब कोई भी देश रूस के साथ कोई व्यापारिक समझौता करता है तो यह अमेरिका के लिए असहनीय होता है।

राफेल डील के मामले पर भी अमेरिका भारत से नाराज नजर आ रहा है. अमेरिका चाहता था कि भारत यह हथियार उनसे खरीदें लेकिन भारत ने यह हथियार उनकी बजाय किसी अन्य देश से खरीद लिए यह बात भी अमेरिका से सहन नहीं हुई।

भारत और चीन लगातार शक्तिशाली होते जा रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि अमेरिका ज्यादा समय तक दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश नहीं रह पाएगा. एक अनुमान के अनुसार साल 2050 तक भारत और चीन दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश बन जाएंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने किया नजरअंदाज

जब भारत ने रूस से मिसाइल सिस्टम खरीदा तब अमेरिका ने भारत को धमकी दी थी कि अगर भारत ने ऐसा किया तो अमेरिका उसके साथ सभी तरह के व्यापारिक रिश्ते खत्म कर देगा लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने तमाम धमकियों को अनसुना करते हुए इस डील को साइन कर दिया था ।

आपके विचार से भारत और अमेरिका के संबंधों में किस वजह से दरार आ रही है, अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

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