सिंगरामऊ बहरीपुर हरिनारायण मिश्र के पैतृक निवास पर श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आरंभ हुआ। शाम 4 बजे बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर एकत्रित हुए। इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। आचार्य ने विधिविधान पूर्वक पूजन संपन्न कराया, शिवेश शास्त्री जी महाराज व्यास पीठ पर आसन होने के पश्चात् माल्यापर्ण कर,उपरणा (शाल ) ओढ़ाकर स्वागत किया गया ।माहात्म्य पर बोलते हुए महाराज जी ने कहा कि बिनु परतीती होई नहीं प्रीति अर्थात माहात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता, अस्थायी हो जाता है। धुंधकारी चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मसात कर लेें तो जीवन से सारी उलझने समाप्त हो जाएगी। द्रौपदी, कुन्ती महाभागवत नारी है। कुन्ती स्तुति को विस्तारपूर्वक समझाते हुए परीक्षित जन्म एंव शुकदेव आगमन की कथा सुनाई। अंत में संगीत एवं झांकी ने सबको कृष्ण रंग में सराबोर कर दिया। पश्चात गौकर्ण की कथा सुनाई गई।शास्त्री जी महाराज ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। उपस्थिति लोग दिनेश दिवाकर रमेश राम जी भगवतीदीन अरविंद कुमार उपाध्याय आदि

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