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शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

31-अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती समारोह "राष्ट्रीय एकता दिवस" के रूप में मनाया गया

सिंगरामऊ राजा हरपाल सिंगरामऊं जौनपुर के हिन्दी विभाग द्वारा आज 31-अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती समारोह "राष्ट्रीय एकता दिवस" के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य वक्ता डॉ राजेश कुमार सिंह ने राष्ट्रीय एकीकरण में पटेल जी की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए जम्मू-कश्मीर की समस्या के लिए परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया। डॉ रवीन्द्र कुमार सिंह ने सरदार पटेल के जीवन- वृत और आजादी के समय स्वतंत्र 562 रियायतों के भारत में विलय के लिए किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय राज्य तमाम छोटी बड़ी रियासतों में बंटा हुआ था। जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर तीन ऐसी रियासतें थी जो भारत के विरूद्ध पाकिस्तान से हाथ मिलाना चाह रही थी। सरदार पटेल ने अपनी मेधा शक्ति और सैन्य कार्रवाई के बल पर जूनागढ़ और हैदराबाद को तो मिला लिया लेकिन जम्मू-कश्मीर अन्तरराष्ट्रीय समस्या बना दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ जय कुमार मिश्र ने बताया कि आज जिस तरह महापुरुषों का बंटवारा किया जा रहा है वह देश की एकता के लिए अखंडता के लिए खतरा है। कार्यक्रम को समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ सारिका सिंह, डॉ गिरीश मणि त्रिपाठी आदि विद्वानों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं ने भाग लिया।

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