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गुरुवार, 22 सितंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

एक दिन सरकार को झुकना ही पड़ेगा'

अट्ठारह हजार रुपये मानदेय दिए जाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना बुधवार को बीसवें दिन भी जारी रहा। सभा में पदाधिकारियों ने कहाकि हमें समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। एक न एक दिन सरकार को हमारी मांगों को मानने के लिए झुकना ही पड़ेगा। बस, जरूरत है हमें इसी तरह से एकजुटता बनाए रखने की।

तिकोनिया पार्क में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नीलम श्रीवास्तव ने कहाकि हड़ताल के 20वें दिन भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। श्रीवास्तव ने कहाकि इस महंगाई के दौर में 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलता है, जो बहुत ही कम है। हमें समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। इससे हमारे आंदोलन को मजबूती मिल रही है। इसे देखते हुए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने हौसले को मजबूत रखें। धरने में आमरण अनशन, भूख हड़ताल एवं जेल भरो आंदोलन पर विचार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामलता ¨सिंह ने किया। इससे पूर्व प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बेलन, थाली बजाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कनकलता त्रिपाठी, पुष्पा पांडेय, राजेंद्र मौर्या, ¨चता ¨सह, विनीता त्रिपाठी आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर सर्वेश कुमारी, अनामिका श्रीवास्तव, अनीता सिंह, रामावती, सुनीता देवी, अंजू, सरस्वती, ऊषा आदि मौजूद रहीं।

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