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सोमवार, 19 सितंबर 2016

तीखी आवाज़

*अब बस, पाकिस्तान को देना ही होगा मुंहतोड़ जवाब*

*हर जुबां पर बस एक ही गुहार, सिर्फ चेतावनी से नहीं चलेगा काम*
जौनपुर: उड़ी में जौनपुर का लाल राजेश सिंह शहीद हुआ तो जिले भर में गम और गुस्से का इजहार देखने को मिला। हर जुबान यही कह रही थी कि अब बस, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना ही होगा। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना जरूरी हो गया है। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जिम्मेदार लोग चेतावनी देना बंद करें। शहीद राजेश सिंह के भकुरा स्थित आवास पर लोगों का तांता लगा रहा। परिजनों की पुकार और बहते आंसू देख हर कोई बेकाबू था। शहीद के सहपाठी और दोस्त भी उनको याद कर आंखे नम होने से नहीं रोक पा रहे थे। बस यही कह रहे थे कि अभी तो हम एक साथ खेल कर बड़े हुए थे। इतनी जल्दी साथ छूट जाएगा, यकीन न था। फº है कि उसने देश के लिए जान न्योछावर की। देश के राजनेताओं को भी अब ये बात समझ लेनी चाहिए। बहुत हुआ पाकिस्तान और आतंकवाद से समझौता। अब तो कोई ठोस कदम उठाना ही पड़ेगा। ताकि किसी और मां को अपना लाल न खोना पड़े। किसी बच्चे के सिर से पिता का साया न उठे। कोई मांग न उजड़े। आपस में ये बात कर लोग बरबस भावुक हुए जा रहे थे। सभी पलकें बिछाए इंतजार कर रहे थे देश के असली हीरो का।
*पत्नी और बेटे को नहीं था पता*

राजेश के शहीद होने की खबर पत्नी जूली सिंह से बहुत देर तक छिपा कर रखी गई। यहां तक कि घर की टीवी तक बंद कर दी गई। आसपास के लोगों को भी कोई चर्चा न करने की हिदायत दी गई। बेटे ऋषांत सिंह को भी हर बात से अंजान रखा गया। दोपहर बाद पत्नी और बेटे भकुरा पहुंचे तो घर में मातमी माहौल देख सकते में आ गए। बात पता चली तो पत्नी दहाड़े मार कर रोने लगीं। बेटा भी पिता की फोटो लेकर उन्हें याद कर रोता रहा।

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