उत्तर प्रदेश सरकार ने डाक्टरों के तबादला नीति की आज घोषणा करते हुए कहा है कि पांच वर्ष तक की सेवा वाले डाक्टरों की तैनाती छोटे जिलों में की जाएगी।
सरकार ने जिलों को ए, बी, सी और डी चार श्रेणियों में विभाजित किया है। पांच वर्ष की सेवा वाले डाक्टर सी और डी जिलों में ही तैनात किये जाएंगे। ए श्रेणी में लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद समेत 16 बडे जिले शामिल किये गए हैं जबकि बी श्रेणी में हरदोई, फैजाबाद, कानपुर देहात समेत 29 जिले हैं। औरैया, जालौन जैसे 19 जिलों को सी श्रेणी में शामिल किया गया है और 11 जिलों को डी श्रेणी दी गयी है। `स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नीति में कुछ मुलायमियत भी रखी गयी है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर रहने की छूट होगी। डाक्टरों के बच्चे यदि कक्षा 10 या 12 में पढ रहे होंगे तो उन्हें स्थानान्तरण में छूट दी जाएगी। जिस डाक्टर या उसके परिवार के किसी सदस्य को गंभीर बीमारी होगी तो उसे भी मानवीय आधार पर स्थानान्तरण में रियायत दी जाएगी।
श्री सिंह ने कहा कि डाक्टर एक से 15 दिसम्बर तक स्थानान्तरण के लिए ऑनलाइन अनुरोध भेज सकेंगे। स्थानान्तरण एक फरवरी से 31 मार्च तक किये जाएंगे। हालांकि, अभी आगामी 15 से 30 जून के बीच भी स्थानान्तरण होंगे। डाक्टरों की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 18,382 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं लेकिन 7,348 पद खाली हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 4,598 डाक्टर चाहिए। `
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