प्रतापगढ़
रानीगंज जम्मू में शहीद हवलदार का पार्थिव शरीर सोमवार को भी घर नहीं पहुंचा। परिजनों को उसके आने का इंतजार है।
जम्मू कश्मीर में बर्फ के नीचे दबने से शहीद हुए पांडेय तारा फतनपुर के सेना के हवलदार विजय कुमार शुक्ला के घर मातम पसरा है। पास में ही अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। नात-रिश्तेदार विजय की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं। पार्थिव शरीर मंगलवार को दोपहर बाद आने की उम्मीद है। अंतिम संस्कार की तैयारी का जायजा सेना के अफसरों ने इलाहाबाद से आकर लिया। बेल्हा का मान बढ़ाने वाले विजय के पिता तीरथ राज शुक्ला का कहना है कि सेना के अफसरों ने शव रखने के लिए बने चबूतरे को छोटा बताया है। प्रशासन अब उसमें सुधार करवा रहा है। शहीद की बहन माधुरी, दोनों भाई, मां उर्मिला, पत्नी मनोरमा गमगीन हैं।
दोस्त की आंखें हुईं नम
रानीगंज शहीद विजय के साथ कुछ साल तक रहे हवलदार अमित निवासी रायबरेली सोमवार को पांडेयतारा पहुंचे। उनके पिता तीरथ राज से मिले। बात छिड़ी तो वह बोले कि विजय दिलेर थे। सेना की नौकरी में जान का जोखिम होता है, पर मेरा दोस्त घबराता नहीं था।। देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने को तत्पर रहता था। यह कहते-कहते अमित की आंखें नम हो गईं, गला रुंध गया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
have any doutes. please let me