प्रतापगढ़
कलेक्ट्रेट में प्रवेश रोकने से सोमवार को अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहे।
पहली बार विधानसभा चुनाव के नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं का प्रवेश रोका गया है। पिछले चुनावों तक अधिवक्ताओं को कलेक्ट्रेट में उनके शेड तक जाने दिया जाता था। शेड के सामने बैरीकेडिंग करके नामांकन परिसर में अधिवक्ताओं को प्रवेश नहीं करने दिया जाता था। इस बार कलेक्ट्रेट के सभी गेटों में ताला बंद कर दिया गया है। पुलिस लाइन और एनआइसी के सामने वाले गेट को ही प्रत्याशियों व उनके प्रस्तावकों के प्रवेश के लिए खोला गया है। अधिवक्ताओं का प्रवेश कलेक्ट्रेट में प्रतिबंधित कर दिया गया है। सोमवार को गेट पर रोके जाने से अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव जिला जज को सौंपा। इसके बाद जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महामंत्री जय प्रकाश मिश्र ने कहा कि पहले भी विधानसभा व लोकसभा चुनाव में कलेक्ट्रेट में नामांकन होता रहा है, लेकिन कभी अधिवक्ताओं को कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने से नहीं रोका गया, लेकिन इस बार डीएम के तानाशाही रवैए के कारण अधिवक्ताओं को रोका जा रहा है। इससे न्यायिक कार्य में बाधा पहुंच रही है। डीएम द्वारा कामकाज ठप करने की शिकायत जिला जज, हाईकोर्ट और बार काउंसिल को अवगत करा दिया गया है।
बैठक में सुशील पांडेय, राममूर्ति मिश्रा, रवींद्र मिश्र, दीपेंद्र मिश्र, विद्यासागर शुक्ल, राघवेंद्र प्रताप सिंह, विनोद कुमार मिश्र, जेपी दुबे, गया प्रसाद मौर्य, परमानंद पांडेय, प्रदीप तिवारी, राहुल सिंह, मुक्कू ओझा, विनय सिंह, दिनेश त्रिपाठी, चंचल सिंह, आशू सिंह आदि मौजूद रहे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
have any doutes. please let me