Blog

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

आज की 10 बड़ी खबरें


1. बांग्‍लादेश के खिलाफ टेस्‍ट के लिए टीम इंडिया का एलान, अभिनव मुकुंद की वापसी, पार्थिव बाहर

बांग्‍लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्‍ट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का एलान कर दिया गया है। नौ फरवरी से हैदराबाद में होने वाले इस मुकाबले के लिए तमिलनाडु के सलामी बल्‍लेबाज अभिनव मुकुंद को शामिल किया गया है। वहीं इंग्‍लैंड सीरीज में वापसी करने वाले पार्थिव पटेल को जगह नहीं है। विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा की टीम में वापसी हुई है। अभिनव मुकुंद साल 2011 के बाद पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुए हैं। उन्हें आखिरी बार 2011 में इंग्‍लैंड दौरे पर खेलने का मौका मिला। इसके बाद से वे बाहर चल रहे थे। वहीं साहा चोट के चलते इंग्‍लैंड सीरीज के दौरान टीम इंडिया से बाहर हो गए थे। इसके चलते पार्थिव पटेल को शामिल किया गया। उन्‍होंने अच्‍छा प्रदर्शन किया था जिसके बाद चयनकर्त्‍ताओं के सामने मुश्किल खड़ी हो गई थी क्‍यों‍कि साहा ने ईरानी ट्रॉफी के दौरान दोहरा शतक लगाकर फिटनेस के साथ ही फॉर्म भी दर्शाई थी। माना जा रहा था कि पटेल को तीसरे ओपनर के रूप में चुना जा सकता है। टीम इस प्रकार है: विराट कोहली, मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्‍वर पुजारा, अजिंक्‍या रहाणे, करुण नायर, ऋद्धिमान साहा, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, जयंत यादव, उमेश यादव, ईशांत शर्मा, भुवनेश्‍वर कुमार, अमित मिश्रा, अभिनव मुकुंद और हार्दिक पंड्या।
2. 18 लाख लोगों के डिपॉजिट का वेरिफिकेशन होगा, IT डिपार्टमेंट का ऑपरेशन क्लीन मनी शुरू

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑपरेशन क्लीन मनी की शुरुआत कर दी है। इसके तहत नोटबंदी के दौरान हुए 18 लाख लोगों के कैश डिपॉजिट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने बताया, "ऐसे बड़े कैश डिपॉजिटर्स की पहचान की गई है, जिनका प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहा है।
- बता दें कि नोटबंदी के दौरान हुए बड़े कैश डिपॉजिट का वेरिफिकेशन करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑपरेशन क्लीन मनी शुरू किया है।
- IT डिपार्टमेंट ऑपरेशन के पहले चरण में डिपॉिजट का ई-वेरिफकेशन भी करेगा।
- हसमुख अढिया ने कहा, "ऐसे लोगों को डिपार्टमेंट ई-मेल, एसएमएस भेजेगा, जिनके प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहे हैं। इनमें पांच लाख रुपए से ज्यादा के कैश डिपॉजिट भी शामिल हैं। लोगों से फंड के सोर्स के बारे में पूछा जाएगा।"
- अढिया ने कहा, "इन लोगों को 10 दिन के भीतर डिपॉजिट के संबंध मेें पूछे गए सवालों का जवाब देना होगा। ऐसा ना करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेजेगा या फिर एक्शन लेगा।"
- "ऑपरेशन क्लीन मनी प्रोजेक्ट सीबीडीटी के तहत चलाया जा रहा है। जिसमें डिपॉजिटर्स के प्रोफाइल और डाटा की जांच की जा रही है।"
- "ऑपरेशन क्लीन मनी या स्वच्छ धन अभियान एक प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर है, जिसके तहत सभी डिपॉजिट्स के संबंध में जानकारी ली जा सकेगी। लोगों से शुरुआती जवाब मांगे जाएंगे।"
- "अगर किसी डिपॉजिटर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तभी हम उसके खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे।"
3. उनकी मेहरबानी हो गई जो टिकट दे दिया, 11 मार्च के बाद नई पार्टी बनाएंगे: शिवपाल

शिवपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि वे 11 मार्च के बाद नई पार्टी बनाएंगे। शिवपाल ने यह बयान इटावा में एक मीटिंग के दौरान दिया। उनके इस बयान से साफ है कि अभी सपा परिवार में घमासान थमा नहीं है। चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद पहली बार शिवपाल का इस तरह का बयान आया है। इससे पहले, उन्होंने यहां जसवंतनगर वि‍धानसभा सीट के लिए नॉमिनेशन भरा।

- शिवपाल ने कहा- "अभी हमने पर्चा भर दिया है। आज हम जो भी हैं, नेताजी के वजह से हैं। लेकिन बहुत से लोगों ने कहा कि वे जो कुछ हैं नेताजी के वजह से हैं और उन्‍हीं लोगों ने नेताजी को अपमानित करने का काम किया।"
- "जो चाहो मुझसे ले लो, लेकिन नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। मरते दम तक नेताजी के साथ रहेंगे, उनका आदेश मानेंगे।"
- "हम जानते है कि समाजवादी पार्टी में भी भीतरघात करने वाले लोग हैं। उनसे सावधान रहने की जरूरत है।"
- "मेहरबानी हो गई जो टिकट दे दिया, फॉर्म ए और बी दे दिया। नहींं तो निर्दलीय चुनाव लड़ना होता।"
- "हम लोग तो ज्यादातर विपक्ष में रहे है। बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस को तब हराया है जब हमारे पास कोई साधन नहीं थे।"
- "आज से 6 महीने पहले कांग्रेस की क्या हालत थी? केवल 4 सीटें जीतने की। किसका फायदा हुआ? कांग्रेस को सीटें दीं, टिकट हमारे लोगों का कटा।"
4. US में भारतीय IT प्रोफेशनल्स की नौकरियों पर खतरा, H-1B वीजा पर नया बिल

यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सोमवार को H-1B वीजा को लेकर नया बिल पेश किया गया। इसे भारतीय आईटी कंपनियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि अगर यह बिल पारित हो जाता है तो अमेरिकी कंपनियों के लिए H-1B देकर भारत समेत विदेशी आईटी प्रोफेशनल्स को हायर करना मुश्किल हो जाएगा। मुश्किल इसलिए होगी क्योंकि बिल में कहा गया है कि H-1B वीजा होल्डर्स को मिनिमम सैलरी 60 हजार डॉलर (40 लाख रु.) से दोगुनी बढ़ाकर 1.30 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रु.) देनी होगी। बिल के असर के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का IT इंडेक्स 4% गिर गया। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि ट्रम्प H-1B पर नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर लाने जा रहे हैं।

- बता दें कि H-1B वीजा पर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स अमेरिका जाकर काम करते हैं। अगर ये बिल पास होता है तो ज्यादा सैलरी के प्रोविजन के चलते इन्फोसिस, विप्रो, टीसीएस जैसी भारतीय कंपनियों में काम कर रहे आईटी प्रोफेशनल्स की नौकरियों पर खतरा हो सकता है।
- वहीं, नए बिल के असर के चलते भारत की टॉप 5 आईटी कंपनियों मार्केट वैल्यू 50 हजार करोड़ तक गिर गई।
- व्हाइट हाउस के एक अफसर की मानें तो ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ये सब बड़े पैमाने पर इमीग्रेशन रिफॉर्म्स के तहत कर रहा है।
- H-1B वीजा पर नए नियमों के लिए कैलिफोर्निया की सांसद जो लॉफग्रेन ने 'द हाय स्किल्ड इंटीग्रिटी एंड फेयरनेस एक्ट 2017' बिल पेश किया।
- इस बिल के तहत लोएस्ट पे कैटेगरी हटा दी गई है। यह कैटेगरी 1989 से लागू थी। इसी के तहत H-1B वीजा होल्डर्स को मिनिमम सैलरी 60 हजार डॉलर देने का नियम था।
 
5. मेरा भी सेक्सुअल हैरेसमेंट और दो बार रेप हुआ: हॉलीवुड एक्स्ट्रेस एश्ले का खुलासा

हॉलीवुड एक्ट्रेस एश्ले जुड (48) इन दिनों भारत दौरे पर हैं। एश्ले ने यहां लोगों के सामने अपनी जिंदगी के कुछ कड़वे एक्सपीरियंस को शेयर किया। उन्होंने बताया- " जब मैं 7 साल की थी तब सेक्सुअल हैरासमेंट के दौर से गुजर चुकी हैं। इतना ही नहीं मेरा दो बार रेप हुआ था।" उन्होंने कहा कि हमें किसी भी तरह की ज्यादती को सहना नहीं चाहिए। बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

- एश्ले ने हिंदी में कहा, "अब समझौता नहीं"। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों को सेक्सुअल हैरासमेंट के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
- 2015 में Mirror को दिए इंटरव्यू में एश्ले ने बताया था कि 90 के दशक में एक मशहूर हॉलीवुड स्टूडियो के अफसर ने हैरासमेंट किया था।
- 1997 में जब वे 'किस द गर्ल्स' नामक फिल्म की शूटिंग कर रही थी, तब एक मशहूर हॉलीवुड स्टूडियो के एक्जीक्यूटिव ने उन्हें अपने होटल रूम में बुलाया और उन्हें नहाते हुए देखने के लिए कहा था।हालांकि, एश्ले ने उनका नाम नहीं लिया था।
6. स्‍वाति सिंह के जवाब में वर्तमान विधायक का टिकट काट अखिलेश यादव ने चचेरे भाई को मैदान में उतारा

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में राजधानी लखनऊ की सीटों पर हाई प्रोफाइल टक्‍कर देखने को मिल रही है। यहां की सरोजनी नगर सीट से भाजपा ने यूपी भाजपा महिला विंग की अध्‍यक्ष स्‍वाति सिंह को टिकट दिया है। स्‍वाति पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्‍नी हैं। दयाशंकर को बसपा सुप्रीमो मायावती वर अभद्र टिप्‍पणी करने के चलते निकाल दिया गया था। यहां से सत्‍ताधारी समाजवादी पार्टी ने अनुराग यादव को उतारा है। अनुराग सांसद धर्मेंद्र यादव के भाई और मुलायम सिंह यादव के भतीजे हैं। इस सीट से सपा के पूर्व विधायक शारदा शुक्‍ला ने राष्‍ट्रीय लोकदल और बसपा से शिवशंकर सिंह भी मैदान से हैं। स्‍वाति सिंह के लिए मुकाबला काफी मुश्किल हैं। यह सीट भाजपा कभी नहीं जीती है। पहले यहां से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव के लड़ने की खबर थी लेकिन उन्‍होंने मना कर दिया।
7. सूरत के डायमंड मर्चेंट सावजी ढोलकिया ने कर्मचारियों को नए साल के बोनस में दी 1200 कारें

सूरत के डायमंड मर्चेंट और हरे कृष्ण एक्सपोर्ट्स के मालिक सावजीभाई ढोलकिया 2013 से कर्मचारियों को प्रोत्साहन के रूप में दिए जाने वाले गिफ्ट को लेकर चर्चा में हैं। साल 2013 में उन्होंने अपने कर्मचारियों को 1,260 गाड़ियां गिफ्ट की थी, जिसमें मारूति सुजुकी, डैटसन और फिएट शामिल थी। एक बार फिर सावजी भाई ढोलकिया अपने कर्मचारियों को नए साल का बोनस देने को लेकर चर्चा में है। हीरा कारोबारी सावजीभाई ढोलकिया ने अपने कर्मचारियों नए साल के बोनस के रूप में कुल 1,200 डटसन रेडी-गो (Datsun redi-GO) गिफ्ट की, जिनमें से डैटसन ने एक ही दिन में 650 यूनिट्स दिया। हालांकि इस बार सावजीभाई ने उन्हीं कर्मचारियों को गिफ्ट में रेडी गो दिया है, जिन्हें पिछले साल कोई इन्सेन्टिव नहीं मिला था। हालांकि इसके साथ ही कंडीशंस भी है। ढोलकिया ने सभी कारें डाउन पेमेंट पर ली है और इस पर 5 साल के लिए लोन लिया है। हालांकि, अगर अगले पांच साल में कर्मचारी कंपनी छोड़ता है तो कंपनी की ओर से उसकी कार की ईएमआई बंद हो जाएगी। इससे पहले सावजीभाई ने दिवाली पर कर्मचारियों को बोनस के रूप में 400 फ्लैट्स और 1,260 कारें गिफ्ट की थी। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के बोनस पर 51 करोड़ रुपये खर्च किए. 
8. ब्रिटेन में डोनाल्‍ड ट्रंप राजकीय यात्रा रोकने के लि‍ए 15 लाख लोगों ने साइन किया पिटीशन, संसद में भी हुई बहस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों के नागरिकों पर अमेरिका आने पर रोक लगाने से जुड़ी आप्रवासन नीति के विरोध में ब्रिटेन में 15 लाख लोगों ने एक याचिका पर दस्तखत करके ट्रंप को राजकीय अतिथि के तौर पर बुलाने का विरोध किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ट्रंप निजी हैसियत से ब्रिटेन आ सकते हैं लेकिन सरकारी अतिथि के तौर पर नहीं। हालांकि याचिका पर 10 लाख से ज्यादा लोगों के दस्तखत हो जाने के बाद ब्रिटेन की संसद (हाउस ऑफ कामंस) ने इस मुद्दे पर बहस की। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने इस मांग के परोक्ष रूप से अस्वीकार करते हुए कहा, “ब्रिटेन का नजरिया अलग है।”  ब्रिटिश पीएम टेरीजा ने पिछले हफ्ते अमेरिका यात्रा के दौरान महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तरफ से ट्रंप को ब्रिटेन आने का न्योता दिया था। पीएम टेरीजा ने एक प्रेसवार्ता में कहा, “अमेरिका ब्रिटेन का नजदीकी साझीदार है। हम कई साझा हितों के क्षेत्र में मिलकर काम करते हैं। हमारा रिश्ता खास है। मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति को राजकीय दौरे पर निमंत्रित किया है और हमारा न्योता यथावत है।”  पीएम टेरीजा ने याचिकाकर्ताओं की मांग के अनुरूप ट्रंप की आलोचना नहीं की। ब्रिटेन में ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा के खिलाफ सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने भी पीएम टेरीजा को पत्र लिखकर ट्रंप को ब्रिटेन बुलाने का विरोध किया। ट्रंप सरकार ने इराक, ईरान, सीरिया, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर 90 दिनों तक अमेरिका आने पर रोक लगा दी है। 
9. जल्‍लीकट्टू मामला : सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनों को लेकर तमिलनाडु को लगाई फटकार, लेकिन नए कानून पर रोक नहीं

तमिलनाडु में जल्‍लीकट्टू पर फिलहाल रोक नहीं लगेगी. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के नए एक्ट पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है लेकिन कोर्ट नए एक्ट की संवैधानिकता पर सुनवाई करेगा. हालांकि कोर्ट ने जल्‍लीकट्टू को लेकर हुए प्रदर्शनों को लेकर राज्‍य सरकार की खिंचाई की है और कहा है कि कानून के राज में ये नहीं होना चाहिए. सर्वोच्‍च अदालत ने तमिलनाडु सरकार से नए एक्ट पर नोटिस जारी कर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है और साथ ही कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाए. अदालत ने केंद्र सरकार को जनवरी 2016 का नोटिफिकेशन वापस लेने की इजाजत भी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार पर बड़े सवाल भी उठाए. कोर्ट ने पूछा, जलीकट्टू को लेकर तमिलनाडू को एक्ट लाने की क्या जरूरत थी? क्या सरकार के पास इसका कोई कानूनी जवाब है? इस मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए थे. अगर नया एक्ट लोगों के प्रदशर्न के दबाव में बनाया गया तो कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडू सरकार कर्नाटक सरकार का विरोध क्यों कर रही है? अदालत ने पूछा, 'आप कह रहे हैं कि नया कानून लेकर आए हैं लेकिन सड़क पर उतरकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने के लिए एक्ट लेकर आए? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जल्‍लीकट्टू को लेकर हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और कहा, 'राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए. हम कानून के हिसाब से चलते हैं और कानून के राज में ऐसी चीजें नहीं हो सकतीं. किसी भी सभ्य समाज में कानून व्यवस्था सबसे प्राथमिक जरूरत होती है. हम इसी बात पर नहीं हैं कि आप एक्ट क्यों लेकर आए, ये जानना भी चाहते हैं कि ऐसा प्रदर्शन क्यों हुआ? इसकी जरूरत क्यों पड़ी?' सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले को हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा. कोर्ट ने कहा, 'सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूरे आदेश के आधार को ही खत्म कर दिया है. हम साफ करना चाहते हैं कि मामले को वापस हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा.'
10. हाफिज सईद को राष्ट्रहित में नजरबंद किया गया, हम युद्ध नहीं चाहते: पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को राष्ट्रहित में घर में नजरबंद किया गया है। पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए नीतिगत फैसले के तहत ही ऐसा किया गया है। पाकिस्तानी सेना ने यह भी दावा किया कि वह (भारत से) युद्ध नहीं चाहती, हालांकि इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बातें कहीं। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक आसिफ गफूर ने हाफिज सईद की नजरबंदी के पीछे किसी विदेशी दबाव होने की बात को खारिज किया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

have any doutes. please let me