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गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

किसी सुरक्षा ब्यवस्था के घंटो वाहन खड़ी करना यात्रियो के लिए परेशानी का सबब बन गया


मुगराबादशाहपुर (जौनपुर)|इलाहाबाद -जौनपुर गोरखपुर मार्ग पर चलने वाली राज्य परिवहन निगम की रात्रि कालीन बसो के चालको/परिचालको द्वारा इलाहाबाद -फूलपुर के बीच भूपतपुर गांव के निकट तथा मुगराबादशाहपुर फूलपुर के बीच बुढ़िया का इनारा के निकट स्थित ढाबे पर बिना किसी सुरक्षा ब्यवस्था के घंटो वाहन खड़ी करना यात्रियो के लिए परेशानी का सबब बन गया है जब की बिभागीय अधिकारी यात्रियो की लिखित शिकायत के बावजूद मूदहु आंख कतहु कोउ नाही कहावत को चरितार्थ कर मूक दर्शक बन गये है  |इस सम्बन्ध मे प्राप्त जानकारी के अनुसार इलाहाबाद-जौनपुर गोरखपुर राज मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसो के चालक /परिचालक निःशुल्क खाने के चक्कर मे अबैध ढंग से ढाबो पर बस खड़ी कर घण्टो यात्रियो का समय जाया करते है |आलम तो यह है कि बिरोध जताने पर इन बसो के चालक /परिचालक यात्रियो से दुर्ब्यवहार करने तक पर अमादा हो जाते है |रात्री मे बिना किसी सुरक्षा के सूनसान स्थान पर स्थित ढाबे पर बसो के खड़ी होने से किसी भी दिन कोई बड़ा हादशा होने से इनकार नही किया जा सकता |

मुगराबादशाहपुर |उत्तर रेलवे के वाराणसी प्रतापगढ़ लखनऊ रेल प्रखण्ड के बादशाहपुर रेलवे क्रासिंग पर
ट्रेनों के अधिक आवागमन के कारण ज्यादातर समय
बंद रहने से लोगो को जहां परेशानी हो रही है वहीं यातायात भी बुरी तरह बाधित होता रहता है। मगराबादशाहपुर नगर के एक प्रमुख हिस्से से
दूसरे प्रमुख हिस्से को जोड़ने वाली यह क्रासिंग
लोगों की जानमाल की सुरक्षा तो करती है लेकिन
इसके लोगों की परेशानियों को भी बढ़ा रही है।इस रेलवे स्टेशन  से दिनभर में लगभग 30से ज्यादा
ट्रेन गुजरती है और प्रत्येक गाड़ी के आने से कुछ
देर पहले ही गेट बंद करना होता है जो गाड़ी के
गुजरने के बाद ही खुलता है। मुगरा बादशादपुर
तीन जिले के सीमा पर स्थित है | अधिकतम विद्यालय महाविद्यालय व महिला महाविद्याल़य इसी रास्ते में पड़ते हैं। जिसके लिए क्रासिग पार
करना ही पड़ता है। बादशाहपुर वालो का प्रमुख व्यवसाय व आपातकालीन चिकित्सा का केन्द्र इलाहाबाद है |मुख्य बात यह भी है कि इलाहाबाद से जौनपुर आजमगढ बलिया देवरिया पडरौना कुशीनगर गोरखपुर सोनौली मऊ इत्यादि जगहो पर जाने के लिये यह प्रनुख मार्ग है |जो लोगों को आवश्यक कार्य हेतु वहां तक तो जाना ही होता है। इसलिए दिन के
समय आवागमन ज्यादा रहता है। लगातार ट्रेनों की
बढ़ती संख्या की वजह से यह समस्या और गंभीर रूप
लेती जा रही है। इस क्रासिंग वाले रास्ते पर दिन मे बंद क्रासिंग के चलते सड़कों पर दूर तक जाम लग
जाता है।  यहसमस्या दिन प्रतिदिन भयावह होती जा रही है। जिससे जनता में रोष है। लोगों का मानना है कि यदि क्रासिंग से उपरिगामी पुल का निर्माण हो जाए तो यह समस्या हल हो जायेगी | उपरिगामी
पुल निर्माण के लिए 2016-17 के रेल बजट मे दर्शाया तो गया लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नही किया जा सका |एक तो रेलवे फाटक बंद हो जाने पर लगने वाले जाम से लोग जूझ ही रहे होते है ऊपर से तिराहे पर बनाये गये डग्गा मार वाहनो का अड्डा व लगने वाला जमावड़ा कोढ़ मे खाज बन गया है |

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