सुल्तानपुर
जिले के कस्बों-बाजारों में मानकों को दर किनार कर संचालित हो रहे अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। तथाकथित चिकित्सकों से मरीजों का आपरेशन कराया जा रहा है। जिससे सेहत सुधरने के बजाय उनकी जान पर बन आ रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। बेहद सुरक्षित माने जाने वाले सिजेरियन आपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने पर गर्भवती की किडनी चोटिल हो गई। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी चिकित्सकों/हास्पिटल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के डडवाकला (पहाड़पुर सराय भीखम) निवासी अमित प्रकाश मिश्र की पत्नी वंदना गर्भवती थीं। गत पांच जनवरी को प्रसव पीड़ा होने लगी तो उन्हें बरौसा स्थित आशादीप नर्सिंग होम ले जाया गया। जहां अस्पताल प्रबंधक व चिकित्सक शशीभूषण शुक्ला ने आपरेशन से डिलेवरी की सलाह दी। दोपहर करीब एक बजे डाक्टर दिनेश कुमार शुक्ला ने आपरेशन किया। आरोप है कि सिजेरियन आपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई। जिससे वंदना की किडनी में चोट लग गई। जिसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। मामले को दबाने के लिए अस्पताल संचालक ने वंदना को सुलतानपुर शहर के राहुल चौराहा स्थित जसलोक नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। लेकिन उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। पल्ला झाड़ने के लिए अस्पताल के चिकित्सक शुक्ला ने वंदना को ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। जहां 8 जनवरी 2017 को उसकी मौत हो गई। मामले की तहरीर मृतका के पति अमित जयसिंहपुर कोतवाली में दी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक पवन कुमार से की। एसपी के हस्तक्षेप के बाद पांच मार्च को जयसिंहपुर कोतवाली में डॉ.शशीभूषण शुक्ला व डॉ. दिनेश कुमार शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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