जौनपुर। केराकत तहसील क्षेत्र के मुरारा गांव में खेत के ऊपर से गये हाईटेशन तार गिरजाने से 20 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गयी। ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत से आग पर काबू पाया। मौके पर तहसीलदार ने पहुंचकर पूछताछ किया। बताते हैं कि रविवार को अपरान्ह तीन बजे 11 हजार बोल्टेज का तार गिरने से कन्हैया सिंह, दुर्गा प्रसाद, विजय, अजीत , बांकेलाल, श्री नारायण उदयभान, अरूण विद्या सिंह व श्री निधि का गेहूं की फसले खेत में धूं-धूं कर जलने लगी और पूरे गांव में अफरातफरी मच गयी।
आग की मार से टूटते जा रहे काश्तकार
जौनपुरं। विद्युत विभाग की लापरवाही कास्तकारों पर भारी पड़ रही है। कई सालों से सूखा, ओलावृष्टि और अतिवर्षा की मार झेल रहे किसानों के सामने इस साल बेहतर पैदावार खुशहाली लेकर आई है। लेकिन जर्जर विद्युत तार खड़ी फसल और खलिहानों में लगे ढेरों को जलाकर राख कर रहे हैं। इस सब के बावजूद राजस्व विभाग का एक अदद लेखपाल मौके का निरीक्षण कर अग्निकांड पीड़ितों को आर्थिक मदद का आश्वासन देकर आंसू पोंछने का काम करता है। यदि आंकड़ों पर गौर करें तो सप्ताहभर में लाखों रुपए की फसल आग से खाक हो गई। जिले के ग्रामीण इलाकों में करीब तीन-चार दशक पुरानी विद्युत लाइनों से बिजली आपूर्ति हो रही है। जर्जर तारों के कारण जहां आपूर्ति बाधित होती है। वहीं ढीले व ओवरलोड के कारण गर्म हो टूट कर गिरे तारों के कारण आए दिन अग्निकांड की घटनाएं हो रही हैं। इन सब के बावजूद विद्युत विभाग को किसान समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। इन दिनों लगभग सभी खेत और खलिहानों में फसल खड़ी या कटी हुई रखी हैं। ज्यादातर खलिहानों के ऊपर से गांव को जाने वाली विद्युत लाइन गुजरी हैं। हवा के कारण झूलते ढीले तार अग्निकांड की वजह बन रहे हैं।
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