उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि सरकार प्रदेश के सभी वन्य ग्रामों को राजस्व ग्रामों का दर्जा देगी। इन ग्रामों में शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मेरा जनजाति ग्राम इमलिया कोड़र आने का उद्देश्य है कि स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर विकास में बेहद पिछड़े इस क्षेत्र के लिए योजना बना सकूं।
सीएम योगी दीन दयाल शोध संस्थान द्वारा पचपेड़वा के इमलिया कोड़र में महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि थारू जनजाति महाराणा प्रताप को अपना पूर्वज मानती है। देश की सीमा पर मौजूद थारू जनजाति के लोग देश की सेवा में लगे हैं। महाराणा प्रताप के वंशज भारतीय सीमाओं की रक्षा का कार्य कर रहे हैं। अग्रिम पंक्ति के प्रहरी के रूप में कार्य कर रहे हैं। भारत नेपाल की खुली सीमा है। दोनों देशों में रोटी बेटी का सम्बंध है। जनजाति के लोग सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह पंडित दीन दयाल उपाध्याय व नाना जी देशमुख का जन्मसदी वर्ष है। इन महापुरुषों ने समाज को जोड़ने के लिए जो काम किए उसके दूरगामी परिणाम होंगे। पूरब व पश्चिम देशों के जीवन स्तर में समानता बनाने के लिए पीएम मोदी ने पूरे विश्व में भारत का संदेश पहुंचाया हे। यह उन्हीं महापुरुषों का सपना था।
सीएम योगी बोले इस देश की जनता ने जयचंद को अपना आदर्श नहीं माना। देश के आदर्श महाराणा प्रताप, शिवाजी व लक्ष्मीबाई जैसे लोगों को आदर्श माना। मुझे प्रसन्नता है कि विपरीत परिस्थितियों में थारू जनजाति को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास स्वयं सेवी संगठन कर रहा है। थारू जनजाति उत्थान के लिए जो प्रयास होने चाहिए थे व��
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